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बिना सैलरी के कैसे मनेगी बिहार के उर्दू शिक्षकों की ईद?

ETV Bihar/Jharkhand
Updated: June 19, 2017, 8:37 PM IST
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Updated: June 19, 2017, 8:37 PM IST
बिहार के जमुई जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जिले के लगभग दर्जनों नियोजित उर्दू शिक्षकों को बीते 22 महीनों से सैलरी नहीं मिल रही है.

परेशान शिक्षकों का कहना है कि इन्हें नियुक्ति के बाद एक भी महीने की सैलरी नहीं मिली है.

रमजान के महीने में सैलरी ना मिलने की वजह से शिक्षकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बिना सैलरी के जिंदगी काट रहे शिक्षकों की दिक्कतें यही खत्म नहीं होती हैं.

कुछ ही दिनों के बाद ईद का त्यौहार आने वाला है. जिनको अपने घर के खर्चे चलाने के लिए वेतन नहीं मिल रहा वो इस त्यौहार को कैसे मना पाएंगे? अपने परिवार वालों के लिए नए कपड़े और ईद मनाने का सामन कैसे खरीद पाएंगे?

इस चिंता में जिले के दर्जनों शिक्षक परेशान हैं. शिक्षा विभाग के पास बार-बार शिकायत लगाई जा चुकी है. लेकिन अब तक शिक्षा विभाग की तरफ से इस दिशा कोई में कोई कदम नहीं उठाया गया.

उर्दू शिक्षक मोहम्मद जफर आलम का कहना है कि वो अपने बच्चों से नज़रे चुराते हैं. वो अपने बच्चों की ख्वाहिशें पूरी नहीं कर पा रहे हैं. उनके बच्चे और बीवी को बहुत सारी चीज़ों से वंचित रहना पड़ रहा है.

फिलहाल शिक्षकों ने अब सैलरी की मांग सरकार के सामने रखी है.
First published: June 19, 2017
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