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खुद शादी करने चार्टर्ड प्लेन से पहुंची थीं बिहार, अब संसद में उठा रहीं 'शाही खर्चे' पर सवाल

Prem Ranjan | News18.com
Updated: February 16, 2017, 8:48 PM IST
खुद शादी करने चार्टर्ड प्लेन से पहुंची थीं बिहार, अब संसद में उठा रहीं 'शाही खर्चे' पर सवाल
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Prem Ranjan | News18.com
Updated: February 16, 2017, 8:48 PM IST
बिहार से कांग्रेस की सांसद रंजीत रंजन लोकसभा में प्राइवेट मेंबर बिल पेश करेंगी, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई परिवार विवाह के दौरान 5 लाख रुपये से अधिक राशि खर्च करता है, तब उसे गरीब परिवार की लड़कियों के विवाह में इसकी 10 प्रतिशत राशि का योगदान देना चाहिए.

सांसद रंजीत रंजन भले ही शादी में ज्यादा खर्च के खिलाफ हैं लेकिन उनकी खुद की शादी में खर्च के बारे में जानकर आप चौक सकते हैं. रंजीत रंजन मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव की पत्नी हैं और दोनों का प्रेम विवाह है.  दोनों की शादी भव्य तरीके से 6 फरवरी 1994 को हुई थी और पूरा पूर्णिया शहर गवाह बना था.

रंजीत रंजन की शादी में मौजूद देवाशीष पासवान ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि पप्पू यादव की शादी में पूरा शहर आमंत्रित था. बकौल देवाशीष पासवान दोनों की शादी में  एक लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे. उन्होंने बताया कि रंजीत और उनके परिजनों को लेकर आ रहा चार्टर्ड विमान रास्ता भटक गया था और देरी के कारण हंगामा मच गया था. बाद में विमान पहुंचा और लोगों ने राहत की सांस ली. इस चार्टर्ड विमान से रंजीत की पूरी फैमिली शादी के लिए जालंधर से पूर्णिया आई थी.

पासवान के मुताबिक शहर के सारे होटल और गेस्ट हाउस सब बुक थे. पप्पू यादव की शादी में लालू यादव, चौधरी देवीलाल, डीपी यादव, मुलायम सिंह और राज बब्बर भी शामिल हुए थे.

शादी में शामिल होने वाले पूर्णिया नगर निगम के डिप्टी मेयर संतोष यादव बताते हैं कि पप्पू  यादव की शादी में पूरा शहर आमंत्रित था.  हजारों लोग शामिल हुए थे. पूर्णिया कॉलेज और हवाई अड्डा  ग्राउंड के लगभग 200 एकड़ में शादी की व्यवस्था की गई थी .

संतोष यादव ने कहा कि 48 की उम्र में उन्होंने ऐसी शादी नहीं देखी है. शहर में जिससे पूछिए सभी शादी में शामिल होने के लिए पहुंच रहे थे. गाड़ियों से पूरा शहर भर गया था. गाड़ियों के अलावा शादी में अनगिनत हाथी और घोड़े थे.  पूर्णिया में कोई चौक चौराह नहीं था जो सजा हुआ नहीं था. खाने- पीने की पूरी व्यवस्था थी. खाने बनाने के लिए बाहर से कारीगर मंगाये गये थे. शादी में लालू यादव, देवी लाल, डीपी यादव, राज बब्बर, जेबा काजी, प्रदीप नाथ जैसे लोग आए थे.

मेरी शादी नहीं बल्कि रैली थी 

जब न्यूज 18 हिंदी ने रंजीत रंजन की शादी में खर्चे के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वो मेरी शादी नहीं बल्कि रैली थी.  मेरे परिवार का कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड नहीं था और हमलोगों कुछ भी पता नहीं था. उन्होंने माना कि यह सच है कि मैं चार्टर्ड प्लेन से शादी करने के लिए गई थीं लेकिन उस प्लेन में मैं खुद थी मेरे परिवार का सदस्य कोई नहीं था और इसकी व्यवस्था लड़के वाले की तरफ से की गई थी.

रंजीत रंजन ने कहा कि पप्पू यादव जी इलाके में लोकप्रिय थे लिहाजा दो- ढ़ाई  लाख लोग शादी में पहुंचे थे और ये सब उनका इंतजाम था. जब मैं संसद में बोलूंगी तो अपनी शादी का भी जिक्र करूंगी.

न्यूज18 हिंदी से बात करते हुए रंजीत रंजन ने कहा कि शादी में मेरा परिवार खाना भी नहीं खा पाया था. घर के लोग होटल में जाकर खिचड़ी बनाकर खाये थे और आज भी इस बात की मैं उन्हें उलाहना देती हूं. मेरे बच्चों की शादी में बिल्कुल तामझाम नहीं होगा. मेरी बहनों की भी शादी बगैर दहेज की हुई है.

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ऐसे हुआ था प्यार

पप्पू यादव के जीवन में रंजीत रंजन के आने की कहानी पूरी फिल्मी है. पटना की बांकीपुर जेल में बंद पप्पू अक्सर जेल अधीक्षक के आवास से लगे मैदान में लड़कों को खेलते देखा करते थे. इन्हीं लड़कों में रंजीत के छोटे भाई विक्की भी थे. इन लड़कों से मिलने-मिलाने के दौरान विक्की से पप्पू यादव की नजदीकी बढ़ी.
लेकिन कहानी में ट्विस्ट उस समय आया जब पप्पू यादव ने विक्की के फेमिली एलबम में रंजीत की टेनिस खेलती तस्वीर देखी. पप्पू फोटो देखकर रंजीत पर फिदा हो गए.

पप्पू यादव जेल से छूटने के बाद रंजीत से मिलने के लिए अक्सर टेनिस क्लब में पहुंच जाते थे, जहां वो टेनिस खेला करती थीं. रंजीत को ये सब अच्छा नहीं लगता था. उन्होंने पप्पू यादव को कई बार मना किया लेकिन पप्पू यादव डटे रहे.

पप्पू यादव ने अपनी पुस्तक 'द्रोहकाल का पथिक' में लिखा है कि कैसे हताश-परेशान होकर उन्होंने एक बार नींद की ढेरों गोलियां खा लीं. उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद रंजीत का व्यवहार थोड़ा सामान्य हुआ और बात आगे बढ़ी.

एक धनी जमींदार परिवार से आने वाले पप्पू यादव का परिवार आनंद मार्गी है. रंजीत रंजन के पिता पटना गुरुद्वारे में ग्रंथी थे लिहाजा वो पटना में रहती थीं

प्राइवेट बिल के बारे में रंजीत रंजन का ये कहना है

कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि  ये मेरा प्राइवेट मेंबर बिल है जिसको मैंने जुलाई 2016 संसद के सामने लाई थी आज तक सभी प्राइवेट मेंबर बिल को कैबिनेट से मंजूरी के बाद लाया जाता था लेकिन पहली बार ऐसा हुआ राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लाया गया हो.

मुझे उम्मीद है ससंद में सभी दलों का समर्थन मिलेगा क्योंकि बहुत से सांसदों की भी ये पीड़ा है कि शादियों में होने वाली खर्च सीमा तय हो. हमलोग 6 बहनें थीं. पढ़ना लिखना सब अच्छा था लेकिन एक चिंता हमेशा रहती थी. अगर व्यक्ति शादी में पांच लाख से  ज्यादा खर्च करता है उसका दस प्रतिशत एक कोष बनाकर डाला जाए जिस गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में मदद मिल सके.

इस बिल को कैसे और ज्यादा पारदर्शी बनाया जाए ये सरकार का काम है. लेकिन इस बिल से लोगों में एक डर जरूर बनेगा. मुझे उम्मीद है कि युवा वर्ग इसका समर्थन करेगा. सरकार अगर इस बिल को संसद में पास कराती हैं तो मेैं संसद में खड़ी होकर सरकार को सैल्यूट करूंगी. क्यूंकि ये बिल आम आदमी से जुड़ा हुआ मुद्दा है.
First published: February 16, 2017
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