शौचालय निर्माण में गड़बड़ी जांचने मेरठ डीएम को भेजा गया बिलासपुर

Mukesh Kumar | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: April 21, 2017, 12:19 PM IST
शौचालय निर्माण में गड़बड़ी जांचने मेरठ डीएम को भेजा गया बिलासपुर
गांव की महिला से शौचालय की हकीकत जानतीं मेरठ की डीएम फोटो- ईटीवी
Mukesh Kumar | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: April 21, 2017, 12:19 PM IST
उत्तर प्रदेश के मेरठ की वर्तमान कलेक्टर बी चंद्रकला बिलासपुर जिले में शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार और खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) की सच्चाई जानने के लिए दो दिनों के दौरे पर पहुंची हैं. उन्होंने इस योजना से लाभान्वित होने वालों से सीधे बात की.

प्रधानमंत्री कार्यालय ( पीएमओ) के निर्देश पर उन्हें बिलासपुर भेजा गया. उन्होंने यहां कोटा विकासखंड के कुंआरीमुडा गांव का दौरा किया और लोगों से सीधे चर्चा कर वास्तविकता को जाना.

बिलासपुर जिला पंचायत ने गौरेला पेंड्रा मरवाही कोटा मस्तूरी और तखतपुर विकास खंडों को ओडीएफ  घोषित कर दिया है लेकिन आरोप है कि यहां आधे-अधूरे शौचालय बने और जमकर भ्रष्टाचार किया गया.

लिहाजा कागजों में शौचालय तो बन गए और उनका उपयोग भी शुरू हो गया पर हकीकत ये है कि अधूरे बने शौचालय किसी काम के नहीं हैं. पीएमओ के निर्देश पर चंद्रकला के दौरे को बिलासपुर जिला प्रशासन की ओर से गोपनीय रखने का प्रयास किया गया.

इतना ही नहीं अधूरे बने शौचालयों को जिन्हें पहले पूरा बना बता दिया गया था इस दौरे के पहले उन्हें पूरा करने का प्रयास भी किया गया.

चंद्रकला ने कोटा के कुंआरीमुड़ा, बिल्हा के भोजपुरी और तखतपुर के पथर्रा विकासखंडों के गांवों का निरीक्षण किया. उन्होंने लाभान्वितों से प्राप्त हुई राशि और सामग्री की की जानकारी ली. साथ ही कमीशनखोरी के बारे में भी अपने स्तर पर पड़ताल की.

बिलासपुर जिले में शौचालय निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की शिकायत को पीएमओ ने गंभीरता से लिया है.  जिले में केंद्र से दूसरी बार टीम आई थी.
First published: April 21, 2017
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