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...और इस तरह गले की सर्जरी से ठीक हो गया महिला का सालों पुराना पेट दर्द

आईएएनएस
Updated: March 19, 2017, 10:53 PM IST
...और इस तरह गले की सर्जरी से ठीक हो गया महिला का सालों पुराना पेट दर्द
Photo : IANS
आईएएनएस
Updated: March 19, 2017, 10:53 PM IST
छत्तीसगढ़ में एक उम्रदराज महिला मरीज के गले की सर्जरी कर डॉक्टरों ने उसके पेट का दर्द ठीक कर दिया. भिलाई स्टील प्लांट के मुख्य अस्पताल के डॉक्टरों ने पकड़ में न आ रही बीमारी का पता लगाया और उस बीमार का इलाज कर मरीज को आराम पहुंचाया.

पैराथायरॉयड एडिनोमा नामक बीमारी से पीड़ित मरीज देवी बाई ने बताया कि दो वर्षों से वह पेट के दर्द से परेशान थी. कई प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर लगाने के बाद भी जब उन्हें आराम नहीं मिला तो किसी ने उन्हें भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल के बारे में बताया.

उन्होंने बताया कि वह कभी सोच भी नहीं सकती थीं कि उनके पेट के दर्द का संबंध गर्दन की बीमारी से हो सकता है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने गर्दन की सर्जरी कर मेरे पेट दर्द को पूरी तरह ठीक कर दिया, यह मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है.

अपनी ख्याति के अनुरूप बीएसपी के डॉक्टरों ने मरीज के दुर्लभतम बीमारी पैराथायरॉयड एडिनोमा को पकड़ने में जहां सफलता पाई है, वहीं इसकी सफलतम सर्जरी भी की. इस प्रकार का यह पहला ऑपरेशन है, जिसे बीएसपी अस्पताल के सर्जरी विभाग के कुशल व विशेषज्ञ सर्जनों ने बखूबी अंजाम दिया.

इस ऑपरेशन को अस्पताल के विशेषज्ञ सर्जन व संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. जोगेश चंद्र मढुआल और डॉ. सुमंत मिश्रा तथा विभाग के एडीएमओ डॉ. मनीष देवांगन की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया.

इस ऑपरेशन में मुख्य भूमिका निभाने वाले विशेषज्ञ सर्जन व संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. जोगेश चंद्र मढुआल ने बताया कि बालोद जिले की देवी बाई अपने पेट दर्द की समस्या से निजात पाने के लिए लोगों की सलाह पर बीएसपी के सेक्टर-9 अस्पताल के सर्जरी विभाग में भर्ती हुईं. पेट दर्द शुरू होने का शुरुआती कारण अग्नाशय में सूजन का होना पाया गया. इसके अलावा उनके पित्त की थैली एवं किडनी में पथरी पाई गई.

सूजन का कारण जानने के लिए जांच-पड़ताल करने पर डॉक्टरों की टीम ने पाया कि उनके गले के पास एक गांठ है, जिसे पैराथायरॉयड एडिनोमा कहा जाता है. इस गांठ को ऑपरेशन कर निकाला गया. अब यह मरीज पूरी तरह ठीक है.

ऑपरेशन करने वाली टीम के एक और महत्वपूर्ण सर्जन डॉ. सुमंत मिश्रा ने इस बीमारी की जटिलता के संबंध में बताया कि यह बीमारी अत्यंत ही दुर्लभतम श्रेणी में गिनी जाती है. यह लाखों में किसी एक मरीज को होती है. आमतौर पर यह बीमारी आसानी से पकड़ में नहीं आती एवं इसे पकड़ने के लिए उन्नत जांच विधि जैसे रेडियो न्यूक्लियोटाइड स्कैन बेहद जरूरी है. इसका इलाज सिर्फ सर्जरी है. सर्जरी के बाद मरीज स्वस्थ हो जाता है.

ऑपरेशन टीम के युवा सर्जन डॉ. मनीष देवांगन बीएसपी अस्पताल की खासियत का जिक्र करते हुए कहा कि यह बीमारी सेक्टर-9 अस्पताल में इसलिए पकड़ में आई, क्योंकि यहां पर विशेष जांच-पड़ताल की सारी सुविधाएं एक ही जगह मौजूद हैं.
First published: March 19, 2017
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