गरियाबंद में पानी की समस्या हुई विकराल, ग्रामीण गंदे नालों का पानी पीने को मजबूर

ETV MP/Chhattisgarh
Updated: May 18, 2017, 2:48 PM IST
गरियाबंद में पानी की समस्या हुई विकराल, ग्रामीण गंदे नालों का पानी पीने को मजबूर
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Updated: May 18, 2017, 2:48 PM IST
गरियाबंद जिले का ग्रामीण इलाका पेयजल की समस्या से जुझ रहा है. गर्मी बढ़ने के साथ ग्रामीणों की पेयजल समस्या भी बढ़ रही है. कई गांवों में तो ग्रामीण झरिया का पानी पीने को मजबूर है. इसके लिए भी ग्रामीणों को कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है.

गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड की घुमरापदर पंचायत, कमारपारा, उपरपारा, डोमीपारा, डोंगरीपारा और पीपलपारा ये इस पंचायत के इस आश्रित गॉव है, पीएचई विभाग का दावा है कि 1444 की आबादी वाली इस पंचायत में 19 हैंडपंप है जबकि हकीकत ये है कि कमारपारा, उपरपारा, डोमीपारा, डोंगरीपारा और पीपलपारा में एक भी हैंडपंप नही है, जिससे ग्रामीणों की पेयजल समस्या का समाधान हो सके, ग्रामीण दो किमी दूर अठठारह नालों में झरिया बनाकर अपनी प्यास बुझा रहे है

हालात इतने खराब है कि पानी के लिए परिवार के सभी सदस्यों को मशक्कत करनी पडती है, सुबह का खाना बनाने के लिए महिलायें पानी लाती है और बाकी जरुरतों के लिए पुरुषों को दिनभर पानी ढोना पडता है, बच्चे भी इस काम में उनका हाथ बटाते है, पारा के मुखिया सुकलाल और लालधर ने बताया कि आम दिनों उन्हें पानी के लिए एक किमी का सफर तय करना पडता मगर गर्मी में नालें सुखने के कारण उन्हें दो से तीन किमी तक का सफर तय करना पड जाता है,

ग्रामीण परेशान है और पेयजल समस्या से जुझ रहे है, इसके चलते उनका दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है, मगर एसडीओ के सी शर्मा का कहना है कि कहीं भी पानी की समस्या नहीं है
First published: May 18, 2017
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