देश में पहली बार 'भैंसों' को लगे रेडियो कॉलर, अब सेटेलाइट से होगी इनकी निगरानी

Avdhesh Mallick | ETV MP/Chhattisgarh

Updated: March 21, 2017, 1:18 PM IST
facebook Twitter google skype whatsapp

छत्तीसगढ़ में गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में राज्य के राजकीय पशु व दुलर्भ वन्य प्राणी वन भैंसे के अस्तित्व को बचाने और इनकी संख्या बढ़ाने को लेकर मिशन जारी है.

ये देश में पहला ऐसा प्रयोग है, अफ्रीकी विशेषज्ञ की मदद से दो वन भैंसों को रेडियों कॉलर लगाए गए हैं. वन भैंसा जुंगाडू एवं श्यामू में रेडियों कॉलर लगाया गया है.

देश में पहली बार 'भैंसों' को लगे रेडियो कॉलर, अब सेटेलाइट से होगी इनकी निगरानी
वन भैसों को लगा रेडियों कॉलर

इन वन भैंसों की सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है. उधर संकट में घिरे बाघ की मौजूदगी के प्रमाण व संख्या का पता लगाने अभयारण में 300 कैमरे लगाने का लक्ष्य है. जिसमें 250 से अधिक लगाए जा चुके हैं.

नक्सल प्रभावित इस इलाके में सड़क का नमोनिशान तक नही है. यहां दुपहिया जानलेवा हैं लेकिन इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं है. इन्हीं हालात में नोवा नेचर वेलफेयर टीम कैमरा लगा रही है, ताकि वन्य प्राणियों की ट्रैपिंग हो सके. वन भैंसा संरक्षण मिशन के नेता वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के रीजनल हेड डॉ. आरपी मिश्रा हैं.

First published: March 21, 2017
facebook Twitter google skype whatsapp