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शिक्षा के प्रति जागरुकता फैलाने साइकिल यात्रा, आदित्य ने 80 हजार किमी का किया सफर

ETV MP/Chhattisgarh
Updated: May 19, 2017, 2:52 PM IST
शिक्षा के प्रति जागरुकता फैलाने साइकिल यात्रा, आदित्य ने 80 हजार किमी का किया सफर
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ETV MP/Chhattisgarh
Updated: May 19, 2017, 2:52 PM IST
पहले पढ़ाई के लिए खुद संघर्ष करने वाले उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी आदित्य कुमार अब देश को पूर्ण साक्षर का लक्ष्य बनाकर साइकिल यात्रा पर निकले है. कमजोर वर्ग के अशिक्षित लोगों को शिक्षा से जोड़ने प्रेरित कर रहे है.

12 जनवरी 2015 से शुरू हुई साइकिल यात्रा के दौरान कई राज्यों से होते हुए गुरुवार को कोरबा पहुंचे. आदित्य ने बताया कि बीएससी करने के बाद अपना जीवन संवारने के बजाय दूसरों के लिए जीना ही जीवन का ध्येय बना लिया, परिवार की माली हालत ठीक नहीं होने व पिता को पसीना बहाते देख अपना घर बसाने के बारे में कभी सोचा ही नहीं. जीवन का एक ही लक्ष्य पूरे देश में साइकिल से अशिक्षित लोगों तक पहुंच उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करना रह गया है

आदित्य जम्मू कश्मीर, तमिलनाडु, गोवा, शिमला की घाटियों में शिक्षा का उजाला फैला चुके है, आज भी ऐसे स्थान हैं जहां विकास के नाम पर कही इबारत गढ़ी गई हैं लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में पीछे हैं वहां पहुंचकर लोगों को जोड़ना है. इसके लिए उन्होंने साइकिल चलाकर लोगों के बीच पहुंच रहे हैं.

गुरुवार को कोरबा पहुंचने के बाद चर्चा में आदित्य ने बताया कि शिक्षा देने की ललक ने उन्हें साइकिल गुरु बना दिया. अब तक वे 80 हजार से अधिक किलोमीटर तक साइकिल चला चुके हैं और आगे भी प्रयास जारी है. देश भर में अपनी साइकिल से घूम-घूम कर झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए भूखा भी रहना पड़ा. भूख मिटाने के लिए मजदूरी भी करनी पड़ी. न कोई घर न कोई ठिकाना लेकिन जज्बा सागर का माथा नापने का है,आदित्य कुमार का ,नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में दर्ज है.

First published: May 19, 2017
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