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मनियारी नदी के बचाव और साफ-सफाई के लिए युवकों ने उठाया बीड़ा

Prashant Sharma | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: June 20, 2017, 9:55 AM IST
मनियारी नदी के बचाव और साफ-सफाई के लिए युवकों ने उठाया बीड़ा
मनियारी नदी के बचाव और साफ-सफाई के लिए युवकों ने उठाया बीड़ा
Prashant Sharma | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: June 20, 2017, 9:55 AM IST
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में लोरमी इलाके के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली मनियारी नदी के बचाव और साफ-सफाई के लिए इलाके के कुछ उत्साही युवकों ने बीड़ा उठाया है.


अक्सर गंदगी और कूड़ों से पटे रहने वाली इस महत्वपूर्ण नदी को संरक्षित रखने के लिए कई पहल भी किए जा रहे हैं. अचानकमार टाइगर रिजर्व वनांचल से निकली ये मनियारी नदी जिस पर मनियारी जलाशय का अंग्रेज शासनकाल में निर्माण हुआ था. इसके माध्यम से जिले के बड़े भाग को सिंचित किया जाता है.



बता दें कि मनियारी समिति बनाकर लोगों ने बैठक कर दर्जनों लोगों को अपनी इस मुहिम से जोड़ा है. साथ ही अब अपने लक्ष्य की ओर निकल पड़े हैं. लोरमी के ऐतिहासिक शिवघाट से मां मनियारी की पूजा अर्चना कर इस अभियान को तेजी प्रदान की गई.


मनियारी बचाओ के तहत श्रमदान कर सफाई के साथ इस नदी के तट के दोनों तरफ पौधारोपण करने की योजना बनाई गई है. इसकी शुरुआत मनियारी तट पर वृक्षारोपण कर किया गया.


गौरतलब है कि नदी पर बनते कई एनीकट और लगातार नालियों के गंदे पानी और कूड़े के गिरते ढेर से नदी का पानी दूषित हो गया है. इसका उपयोग लोग निस्तारी के लिए भी नहीं कर पा रहे हैं. वहीं नदी के लिए सर्वदलीय मंच के माध्यम से हो रहे इस प्रयास की काफी सराहना की जा रही है.


ऐसे में अब देखना होगा कि ये प्रयास कितना असरदार साबित होते हैं. अशोक तिवारी, शरद डड़सेना, संजय सिंह, राकेश तिवारी, सागर सिंह, शैलेन्द्र जायसवाल, विश्वास दुबे, सूरज तिवारी, अशोक शर्मा, जितेंद्र पाठक, गुड्डू सोनी, प्रमोद जायसवाल, देवेंद्र केशरवानी, मुकेश जायसवाल, अनुनय चौबे के अलावा सैकड़ों नागरिक और ग्रामीण इस अभियान से जुड़ने लगे हैं.


लोरमी मुंगेली पथरिया में इस नदी का बहुत महत्व है. मनियारी के नाम पर मनियारी साहित्य समिति भी बरसों पहले बनाई गई थी. मनियारी नदी पर क्षेत्र के प्रसिद्ध कवि स्व.राकेश मिश्रा "ऋषि"की लिखी कई रचनाएं आज भी लोगों की जुबान पर है.
First published: June 20, 2017
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