54 लोगों का है ये परिवार, सोने से पहले होती है सबकी गिनती

Narendra Sharma | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: March 20, 2017, 9:24 PM IST
Narendra Sharma | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: March 20, 2017, 9:24 PM IST
बलौदा बाजार जिले के ग्राम पंचायत दशरमा में एक साहू परिवार पिछले छह पीढ़ी से एक साथ रहते आ रहा है. परिवार का आपसी प्रेम ही है जो इनकी एकता की डोर को बांधे हुए है. इस परिवार में अलग-अलग घरों से 15 महिलाएं बहू के रूप में हैं, लेकिन इनके बीच कभी आपसी मतभेद नहीं होते.

इस घर में 25 छोटे-बड़े बच्चे हैं जो पढ़ते हैं. इस परिवार के पास 100 एकड़ खेती की जमीन है. यही नहीं, इस परिवार में दोनों समय का भोजन एक साथ बनता है. इस परिवार की एकता के चर्चे पूरे जिले में है. आज के टूटते-बिखरते रिश्तों के बीच ग्राम दशरमा का साहू परिवार एकता की मिशाल पेश करता है.

रात को होती है परिवार के लोगों की गिनती
साहू परिवार के लोग पिछले छह पीढ़ी से एक साथ रहते आ रहे हैं. वर्तमान में 54 सदस्यों का भरापूरा परिवार है, जिसमे 15 महिलाओं के 25 बच्चे हैं. इस घर का माहौल मेले जैसा रहता है. दिलचस्प बात ये है कि दिन बीत जाने पर रात में परिवार के सभी लोगों की गिनती की जाती है.

एक साथ बनता है 54 लोगों का खाना
आपसी प्रेम के कारण इस परिवार के लोग अलग नहीं होते. परिवार को लगभग सभी चीजें खेत से ही मिल जाती हैं. 54 लोगों वाले इस परिवार की एक और बड़ी खासियत ये है कि सभी लोगों का खाना एक साथ बनता है, वह भी परंपरागत चूल्हे से. जिले भर में इस परिवार के एकता की चर्चा होती है.

यहां हैं 87 साल के सबसे बुजुर्ग और सात दिन का सबसे छोटा सदस्य
एकता की मिसाल पेश करने वाले इस घर में सबसे बुजुर्ग सदस्य 87 साल के जगतराम साहू हैं. इनकी हर बात घर के सभी सदस्य मानते हैं और सबसे छोटा 54 वां सदस्य अभी महज सात दिन का नया मेहमान है.

10 महिलाएं हमेशा बनाती रहती हैं खाना
इस घर की 15 महिलाओं में से दस महिलाएं हमेशा भोजन बनाने मे लगी रहती हैं. घर के सभी सदस्य रात में ही मिलते हैं और 54 सदस्यों के इस परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है.
First published: March 20, 2017
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