'भ्रष्टाचार रोका तो होगा छत्तीसगढ़ बंद'

Avdhesh Mallick | ETV MP/Chhattisgarh

Updated: March 21, 2017, 12:16 PM IST
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भ्रष्टाचार रोकने के लिये केंद्र सरकार के आदेश पर इनकम टैक्स विभाग छत्तीसगढ़ में लगातार छापेमारी कर रही है. इसके कारण ज्यादातर कर चोरी करने वाले व्यापारी परेशान हैं, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार की भी नींद उड़ी हुई है.

इस छापेमारी से व्यापारी लामबंद हो रहे हैं. वहीं, व्यापारियों की सरकार के नाम से जानी जाने वाली रमन सरकार इस बात को लेकर पशोपेश में है कि केंद्र सरकार के साथ चलें, भ्रष्टाचार रोकें या व्यापारियों के साथ चलें. क्योंकि, नोटबंदी के बाद से आयकर के लगातार छापों से परेशान कारोबारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है.

'भ्रष्टाचार रोका तो होगा छत्तीसगढ़ बंद'
कारोबारियों पर लगातार छापेमारी के विरोध में बंद दुकाने

चैंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक में कारोबारियों पर लगातार छापेमारी के विरोध में दो दिनों के बंद का ऐलान किया गया है. 21 मार्च को रायपुर बंद रहेगा, जबकि 22 मार्च को प्रदेशभर के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. कारोबारियों ने बंद के दौरान किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन नहीं करने का फैसला लिया है.

छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कॉमर्स पर काफी लंबे समय से आयकर की कार्रवाई के विरोध के लिए दबाव बनाया जा रहा था. सदर बाजार, एमजी रोड समेत प्रदेश के कई स्थानों में बीते दिनों आयकर सर्वे के बाद निर्मित हुई परिस्थियियों की वजह से सोमवार को पदाधिकारियों को बंद का फैसला लेना पड़ा.

चैंबर के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बंद के ऐलान के पहले चैंबर पदाधिकारियों की आयकर अफसरों से बातचीत भी हुई. पदाधिकारियों ने व्यापारियों को परेशान नहीं किए जाने का आग्रह किया. आयकर अफसरों ने कार्रवाई रोकने पर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया. उल्टे दिल्ली से कार्रवाई तेज होने की बात कही गई. इसके बाद तत्काल चैंबर के आला अधिकारियों ने बैठक कर एक नहीं, दो दिनों के बंद का एलान कर दिया.

चैंबर अध्यक्ष अमर पारवानी का कहना है कि व्यापारियों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है. उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है. इसे लेकर लगातार आयकर विभाग से बातचीत की जा रही थी. इसके बावजूद कार्रवाई से त्रस्त व्यापारियों ने बंद का फैसला लिया है.

आयकर विभाग नोटबंदी के बाद से ही जन धन खातों में गलत ढंग से पैसे जमा होने की आशंका जता रहा है. खातों को वास्तविक खातेदारों के स्थान पर दूसरे के द्वारा संचालित किए जाने की भी आशंका है. अब इन्हीं मामलों की जांच के दौरान व्यापारियों से पूछताछ और दस्तावेज मंगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही कुछ मामले ऐसे भी हैं, जिनमें नोटबंदी के बाद बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री या खातों में पैसे जमा होने की जानकारी आई है.

दो दिन पहले एमजी रोड में एक बड़े शो-रूम में कार्रवाई करने पहुंची आयकर की टीम का चैंबर पदाधिकारियों ने विरोध किया था. रात के समय कार्रवाई के लिए पहुंची टीम को लगभग 100 लोगों ने घेरकर जमकर हंगामा किया था. इसके बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव का माहौल था. चैंबर द्वारा तत्काल कोई निर्णय नहीं लिए जाने पर चैंबर में दो फाड़ होने की आशंका बढ़ गई है.

मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के समर्थक विरोधी गुट ने चैंबर के गतिविधियों पर सवाल उठाने चालू कर दिए हैं. विरोधी गुट के पदाधिकारी ने दबी जुबान यहां तक कह डाला कि जब हमारी गुट चैंबर की सत्ता में थी तो केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक इस प्रकार के कार्रवाई करने से पहले 100 बार सोचती थी, क्योंकि हमारे वर्ग का जीडीपी में योगदान सर्वाधिक रहा है और आज के समय में हमें की चोर की तरह देखा जा रहा है.

First published: March 21, 2017
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