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आदिवासी समाज को जागरूक कर रहा है आदर्श सामूहिक विवाह

rakesh yadav | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: April 21, 2017, 7:55 PM IST
आदिवासी समाज को जागरूक कर रहा है आदर्श सामूहिक विवाह
राजनांदगांव - सामूहिक विवाह कर मिसाल पेश कर रहा है आदिवासी समाज
rakesh yadav | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: April 21, 2017, 7:55 PM IST
राजनांदगांव जिले के माओवादी प्रभावित क्षेत्र छुरिया ब्लॉक के पंडरापानी पंचायत में आदिवासी सामाज आदर्श सामूहिक विवाह कर मिसाल पेश कर रहा है. इस वर्ष इस समाज ने 412 जोड़ों का विवाह सामूहिक रूप से कराया है.

इस वर्ष छुरिया ब्लॉक में 412 आदिवासी समाज के जोड़ों का विवाह कराया गया है. इसी कड़ी में पंडरापानी पंचायत में 33 आदिवासी समाज के जोड़ों का विवाह भी सम्पन्न हुआ.

ऐसी शादियां कर इस समाज ने दहेज प्रथा का अंत करने की तरफ एक बड़ा कदम बढ़ाया है. इस आदर्श विवाह में महारष्ट्र के आदिवासी समाज के जोड़े भी मौजूद थे.

वहीं, सामूहिक विवाह में शादी करनेवाला दूल्हा अमुत ने कहा कि यह शादी शहरों की शादी से बेहतर है. शहरों की शादी में बहुत खर्च होता है. सामूहिक शादी आज की तारीख में बहुत बेहतर है.

राजनांदगांव के पूर्व सांसद मधुसुदन यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में ध्रुगौड़ आदिवासी समाज ने क्रांति ला दी है. इस वर्ष 412 लोगों की शादी सामूहिक विवाह के तहत होना ही अपने आप में बड़ी बात है. 412 का मतलब 824 परिवारों ने इस क्षेत्र में सामूहिक विवाह को स्वीकार किया है.

उन्होंने साथ में यह भी कहा कि जिस समाज को उपहास के रूप में देखा जाता है उस समाज ने इतनी बड़ी जागृति लाने का काम किया है. इस काम से दूसरे समाज के लोग भी प्रेरणा ले सकते हैं. मैं समाज के पदाधिकारियों को बधाई देता हूं.
First published: April 21, 2017
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