स्कूल अपग्रेडेशन को लेकर अब पलवल में भी धरने पर बैठी छात्राएं


Updated: May 19, 2017, 1:37 PM IST
स्कूल अपग्रेडेशन को लेकर अब पलवल में भी धरने पर बैठी छात्राएं
Photo- News18Hindi.com

Updated: May 19, 2017, 1:37 PM IST
हरियाणा प्रदेश रेवाड़ी जिले के गांव गोठडा टप्पा डहीना में सरकारी स्कूल को अपग्रेड कराने की मांग को लेकर छात्राओं और ग्रामीणों किए गए धरने के बाद अब पलवल के गांव सैलोटी में राजकीय उच्च विद्यालय को अपग्रेड कराने की मांग को लेकर स्कूली छात्राओं ने स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया और गेट पर धरना प्रर्दशन शुरू कर दिया.

दरअसल गांव सैलोटी में बना ये राजकीय उच्च विद्यालय 10वीं कक्षा तक है स्कूल से 10वीं कक्षा पास करने के बाद छात्र-छात्राओं को बाहर जाकर पढाई करनी पड़ती है. जिसमें उनको बहुत सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है. स्कूल के गेट पर प्रर्दशन कर रही छात्राओं ने बताया कि वो दूर स्कूल में पढ़ने के लिए नहीं जाएंगी, क्योंकि रास्ते में उनके साथ छेड़छाड़ होती है.

छात्राओं का कहना है कि अब वो अपने गांव के स्कूल को ही अपग्रेड कराकर ही दम लेंगी. उन्होंने कहा कि उनके गांव से बाहर दूसरे स्कूलों में आने -जाने के लिए साधनों का अभाव है जिस कारण उनको भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है और कई बार वो अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाती.

छात्राओं का कहना था कि रास्ते में उन्हें अपने साथ असामाजिक तत्वों की फब्तियां, छेड़खानी और लड़ाई झगडों का सामना करना पड़ता है. इसलिए कई बार सरपंच के माध्यम से स्कूल को अपग्रेड कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने से आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है.

दसवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद गांव की छात्राओं को ग्यारहवीं व बारहवीं की पढ़ाई करने के लिए लगभग 5 किलोमीट दूर स्कूल में जाना पड़ता है. वहीं 9वीं व 10वीं में 80 के लगभग छात्राएं गांव के ही स्कूल में पढ़ती हैं, जिन्हें आगे की पढ़ाई की चिंता सता रही है. ये सभी छात्राएं गांव के स्कूल को अपग्रेड कराने के लिए धरने बैठी हैं.

6 छात्राएं हुई बेहोश

वहीं स्कूल को अपग्रेड कराने के लिए धरना दे रही छात्राओं में 6 छात्राएं बेहोश हो गई. जिनका गांव के ही इक निजी डॉक्टर दवारा इलाज कराया जा रहा है. छात्राओं के बेहोश होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं की गई है.

नॉर्म्स पूरे नहीं होने के कारण अपग्रेड नहीं हुआ था स्कूल

वहीं शिक्षा विभाग की तरफ से पहुंचे बीओ सुखबीर सिंह ने बताया कि स्कूल अपग्रेड कराने को लेकर उच्च विभाग को पहले केस भेज चुके हैं. नॉर्म्स पूरे नहीं होने के कारण अपग्रेड नहीं हुआ था. नॉर्म्स में सबसे पहले 9वीं और 10वीं कक्षा में कम से कम 150 विद्यार्थी होने चाहिए. अभी स्कूल में दोनो कक्षाओं में 109 विद्यार्थी हैं. स्कूल प्रबंधन, ग्राम पंचायत आदि से विचार विमर्श करने के बाद फिर से उच्च विभाग से मांग की जाएगी.
First published: May 19, 2017
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