राज्य

'सरकार जाट कल्याण बोर्ड का करे गठन, अन्यथा चुनाव में छोड़ देंगे उनका साथ'

Mrityunjay Puri | ETV Haryana/HP
Updated: June 20, 2017, 11:56 AM IST
'सरकार जाट कल्याण बोर्ड का करे गठन, अन्यथा चुनाव में छोड़ देंगे उनका साथ'
पीएस धन्ना, जाट कल्याण परिषद, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष
Mrityunjay Puri | ETV Haryana/HP
Updated: June 20, 2017, 11:56 AM IST
हिमाचल प्रदेश में अन्य जातियों की तर्ज पर जाट कल्याण बोर्ड के गठन की मांग एक बार फिर उठने लगी है. जाट कल्याण परिषद के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष सरदार पीएस धन्ना का कहना है कि प्रदेश सरकार ने जाट कल्याण बोर्ड का गठन नहीं किया तो आगामी चुनावों में जाट कांग्रेस का साथ नहीं देंगे.

धन्ना ने सोमवार को धर्मशाला में मीडिया से बातचीत में कहा कि लंबे समय से जाट कल्याण बोर्ड के गठन की मांग की जा रही है लेकिन प्रदेश की अलग-अलग सरकारें इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखा रही हैं. यदि वर्तमान सरकार का यही रवैया रहा तो जाट कल्याण परिषद तीसरे विकल्प की तलाश करेगी और वर्तमान राज्य सरकार का का साथ देने से भी गुरेज करेगी.

धन्ना ने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में जाटों को ओबीसी का दर्जा दिया गया था लेकिन ओबीसी का प्रमाण पत्र सिर्फ 6 माह तक ही वैध होता है. उन्होंने मांग की है कि इस प्रमाण पत्र की अवधि कम से कम तीन साल की जाए ताकि लोगों का समय और पैसा बचे.

सरदार पी एस धन्ना ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जाट कल्याण परिषद की राज्य कार्यकारिणी के चुनाव के लिए 16 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई है. यह चुनाव जनसभा के दौरान किए जाएंगे और जरूरत पड़ी तो मतदान का सहारा भी लिया जाएगा.

जाट कल्याण परिषद के राज्य कार्यकारिणी के चुनाव दिसंबर 2012 में हुए थे. उन्होंने बताया कि नियमानुसार कार्यकारिणी का चुनाव दो साल बाद वर्ष 2014 में होना था, अब16 जुलाई को हर हाल में प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा. उसके बाद जिला और तहसील स्तर और पंचायत स्तर पर भी कार्यकारिणी गठित की जाएगी.
First published: June 20, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर