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हिमाचल के ये गांव बारिश के मौसम बन जाते हैं जेल

Jasbir Kumar | ETV Haryana/HP
Updated: June 19, 2017, 5:25 PM IST
हिमाचल के ये गांव बारिश के मौसम बन जाते हैं जेल
हिमाचल के इस गांव में बारिश दुख लाती है
Jasbir Kumar | ETV Haryana/HP
Updated: June 19, 2017, 5:25 PM IST
हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर जिला के नादौन उपमंडल में कई गांव ऐसे हैं, जहां आजादी के छह दशक बीत जाने के बाद भी लोग काला पानी जैसा जीवन व्यतीत कर रहे हैं.

यहां अमतर जैसे 50 से ज्यादा गांवों के लोगों को बारिश के मौसम में यहां से बाहर निकलने में बहुत परेशानी महसूस होती है. दरअसल, यहां आजादी के बाद से लेकर अबतक व्यास नदी पर कोई पुल नहीं बन पाया है.

नादौन उपमंडल की बेला पंचायत के अमतर गांव के पास बह रही ब्यास नदी के पार बसे लगभग 50 गांवों के हजारों लोग आवाजाही की मूलभूत सुविधा की दिक्कत झेल रहे हैं. ऐसे ही हालातों से बड़ा के चौड़ू गांव के साथ लगते गांव डोडरू के लोग गुजर रहे हैं.

इस गांव के लोग बरसात के दिनों में गांव में ही कैद हो जाते हैं. बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और मजदूर मजदूरी के लिए बाहर नहीं निकल सकते हैं. ब्यास नदी का पानी वैसे तो जीवनदायी है परंतु जब पानी रौद्र रूप धारण करता है तो इन लोगों के लिए अभिशाप बन जाता है.

करीब तीन साल पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नादौन दौरे के दौरान लोग अपनी समस्या को लेकर उनसे मिले थे. वीरभद्र सिंह ने तब यह आश्वासन दिया था कि व्यास नदी पर अमतर व डोडरू गांवों में झूला पुल बनाया जाएगा.

मुख्यमंत्री के इस आश्वासन से लोगों में आस जगी थी कि उनके गांव आॅल वैदर कनैक्टीविटी से जुड़ेंगे लेकिन लोगों की आशाएं अब धूमिल होने लगी हैं क्योंकि झूला पुल बनाने का कार्य सर्वे से आगे नहीं बढ़ सका है.
First published: June 19, 2017
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