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हिमाचल में वन माफिया के हौसले बुलंद, तीन माह में अवैध पेड़ कटाई के 451 मामले दर्ज

Krishna Singh | ETV Haryana/HP
Updated: June 20, 2017, 1:50 PM IST
हिमाचल में वन माफिया के हौसले बुलंद, तीन माह में अवैध पेड़ कटाई के 451 मामले दर्ज
हिमाचल के जंगलों में पेड़ों की अवैध कटाई का धंधा जोरों पर
Krishna Singh | ETV Haryana/HP
Updated: June 20, 2017, 1:50 PM IST
हिमाचल प्रदेश में वन माफिया के हौसले बुलंद हैं. हालांकि, वन विभाग इस पर लगाम लगाने में नाकाम दिख रहा है. तीन माह में ही अवैध कटान के 451 मामले सामने आए है, जिसमें 1177 पेड़ों को अवैध तौर पर काटे गए हैं. इन पेड़ों के काटे गए 295.165 घनमीटर लकड़ी की कीमत 1 करोड़ 25 लाख के करीब है.

बीते तिमाही के दौरान 146 घनमीटर टिंबर भी पकड़ा गया. इस टिंबर की कीमत करीब 59 लाख रुपए हैं. वन विभाग की ताजा त्रैमासिक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है.

वन रक्षकों के पास न हथियार हैं और न ही कोई अन्य सुविधाएं. ऐसे में यदि कोई अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी और तत्परता से निभाता है तो वन रक्षक होशियार सिंह जैसे मामले सामने आते है. होशियार सिंह ने भी अवैध कटान के खिलाफ आवाज उठाई थी, लेकिन वन माफिया ने उनकी आवाज को हमेशा के लिए बंद कर दिया.

बीते तीन माह के भीतर सबसे ज्यादा 410 पेड़ बिलासपुर सर्कल में काटे गए. हमीरपुर में 215, चंबा में 9, धर्मशाला में 89, कुल्लू 28, मंडी 198, नाहन 79, रामपुर 30, शिमला 24,वन्य प्राणी सर्कल धर्मशाला 76, वन्यप्राणी शिमला 1 और जीएचएनपी शमशी में 4 पेड अवैध रूप से कटे.

वन एवं पर्यावरण के अतिरिक्त मुख्य सचिव तरूण कपूर ने बताया कि होशियार सिंह की मौत के बाद वन विभाग ने वन रक्षकों को हथियार देने की बात कही है. वहीं दूसरी ओर अवैध कटान रोकने के लिए सैटेलाइट इमेज के इस्तेमाल, समय-समय पर जंगलों की फोटोग्राफी करने के साथ-साथ पेड़ों की गिनती करने की बात कही जा रही है. हालांकि, शिमला में इसका कार्य शुरू हो चका है.
First published: June 20, 2017
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