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बूंद बूंद पानी को तरसे बिरहोर, आठ दिनों पर नहा पाते बच्चे

Santosh Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: May 19, 2017, 11:46 AM IST
बूंद बूंद पानी को तरसे बिरहोर, आठ दिनों पर नहा पाते बच्चे
बिरहोर समाज की महिलाएं बताती हैं कि पानी की किल्लत के कारण आठ आठ दिनों तक बच्चे नहा नहीं पाते.
Santosh Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: May 19, 2017, 11:46 AM IST
आदिम जनजाति के बिरहोरों के लिये राज्य सरकार की योजनाएं धरातल पर दम तोड़ती नजर आती है. फिलहाल हम बात कर रहे हैं चतरा जिला के बिरहोरों की जिन्हें पानी पीने के लिए रोज बड़ी जद्दोजहद से गुजरना होता है.

क्या है मामला

सिमरिया प्रखंड के जबड़ा गांव में बिरहोरों की प्यास बुझाने के लिए कोई व्यस्था नहीं है. करीब चार किलोमीटर की दूरी से उन्हें पानी लाना पड़ता है. बिरहोरिन देववंती बताती हैं कि पानी की किल्ल्त की वजह से बच्चे इस गर्मी में भी आठ आठ दिन तक नहीं नहा पाते. मंगरी बिरहोरिन कहती हैं कि बिरहोरों की बस्ती में चापाकल भी है. लेकिन वह भी खराब है. करीब चार किलोमीटर की दूरी से पानी लाना पड़ता है.

दिखावा है जलमीनार

पेय जल एवं स्वच्छता विभाग ने बिरहोरों के लिये सोलर पर आधारित जलमीनार बनवाया. लेकिन अब तक यह शोभा की वस्तु बना पड़ा है.


जबड़ा पंचायत, सिमरिया के मुखिया कृष्णा साहू ने बताया कि पेय जल एवं स्वच्छता विभाग ने बिरहोरों के लिये सोलर पर आधारित जलमीनार भी बनाया है. लेकिन उसमें पानी की सप्लाई नहीं की गई है. लाखों की लागत से बना जलमीनार बिरहारों के लिए महज दिखावा बन कर रह गया है. बकौल मुखिया, बिरहोरों की पानी समस्या को लेकर उपायुक्त को भी जानकारी दी गई है.  दूसरी ओर पेय जल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता का कहना है कि बिरहोर कालानी में पानी की व्यवस्था है. लेकिन जब बताया गया कि सभी खराब हैं तो उन्होंने कहा कि जल्द ही पानी की व्यवस्था की जाएगी.
First published: May 19, 2017
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