'यहां सच्चे दिल से मांगी गई दुआएं होतीं कबूल'

Gautam Lenin | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: April 21, 2017, 12:54 PM IST
'यहां सच्चे दिल से मांगी गई दुआएं होतीं कबूल'
लोहरदगा में बाबा दुक्खन शाह का सलाना उर्स जामा मस्जिद परिसर में शुक्रवार से शुरू हुआ.
Gautam Lenin | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: April 21, 2017, 12:54 PM IST
लोहरदगा में बाबा दुक्खन शाह का सलाना उर्स जामा मस्जिद परिसर में श्रद्धा और भक्तिभाव से शुरू हुआ. डीसी विनोद और जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मजार पर चादपोशी की.

दूर दूर से आते जायरीन

जिले में बाबा दुक्खन शाह का मजार साम्प्रदायिक सौहार्द का सबसे बड़ा प्रतीक है. इस सालाना उर्स में बड़ी संख्या में जायरीन बंगाल, उड़ीसा, बिहार सहित कई राज्यों से आते हैं. जामा मस्जिद परिसर में बाबा दुक्खन शाह के माजार पर हर धर्म समुदाय के लोग माथा टेकने प्रतिवर्ष आते है.एक जायरीन ने कहा  कि मजार पर आने वालों की झोलियां खाली नहीं रहती. इसलिए कसमकश भीड़ में भी लोग राहत महसूस करते हैं. वहीं एक एक अन्य भक्त ने कहा कि सच्चे दिल से मांगने वालों की हर दुआएं यहां कबूल होती हैं. उर्स मेला के दौरान कव्वाली का आयोजन भी किया जाता है. साथ ही बड़े मेले का आयोजन होता है, जो करीब एक माह तक चलता रहता है

पहली चादर प्रशासन की

परंपरा के अनुसार पहली चादर जिला प्रशासन की ओर से प्रतिवर्ष चढ़ाया जाता आया है. शुक्रवार को डीसी सहित अन्य अधिकारियों ने सदर थाना परिसर से चादर लाकर मजार पर पोशी की. इस मौके पर डीसी ने कहा कि सालाना उर्स के मौके पर उन्होंने जिला की अमन चैन की कामना की है.
First published: April 21, 2017
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