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सीएनटी-एसपीटी विधेयक बना सरकार के गले की हड्डी

Rajesh Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: June 19, 2017, 8:04 PM IST
सीएनटी-एसपीटी विधेयक बना सरकार के गले की हड्डी
झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास
Rajesh Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: June 19, 2017, 8:04 PM IST
झारखंड की रघुवर सरकार ने आदिवासी हित में सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के लिए विधेयक लाया. पिछले नवंबर में यह विधानसभा से भारी विरोध के बीच पारित हो गया. लेकिन राजभवन में यह लटका हुआ है.

बता दें कि हर मंच पर इस संशोधन विधेयक का व्यापक विरोध हुआ है. विपक्ष के लिए तो यह बड़ा मुद्दा रहा है. इसे लेकर कई सामाजिक संगठनों का भी विरोध चल रहा है. भाजपा के अंदर भी इसका विरोध जारी है. सरकार के इस निर्णय का विरोध अक्सर किसी न किसी बैठक में हो जाया करता है. सरकार के आदिवासी चेहरे भी इस संशोधन के पक्ष में नहीं रहे हैं. पर,सरकार के खिलाफ कुछ बोल नहीं सकते हैं.

इस विधेयक को कानून बनने के पहले कई पड़ाव से गुजरना  है. विधेयक को राज्यपाल स्वीकृति देंगी. उसके बाद इसे भारत सरकार के जनजातीय मंत्रालय जाना है. फिर राष्ट्रपति के पास. लेकिन यह सफर अभी थमा हुआ है. इधर इसका विरोध अलग-अलग तरह से किया जा रहा है.

राजीनीतिक दल जेएमएम इसे मुद्दा बनाए हुए है. भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री राम माधव की बैठक में भी इसे उठाया गया. कोर कमेटी में इस पर चर्चा हुई. पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा भी इसके पक्ष में नहीं रहे हैं. अब लगता है कि सरकार के मुखिया इस मसले पर अलग-थलग पड़ गए हैं.

झारखंड सरकार में मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि विधेयक विधानसभा में पारित किया जा चुका है. अब यह विषय राज्यपाल के पास है. इसलिए इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा. वहीं भाजपा के उपाध्यक्ष हेमलाल मुर्मू ने कहा कि इस पर राजनीति की जा रही है. इसे मुद्दा बनाए रखा गया है.
First published: June 19, 2017
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