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ग्रेमी अवॉर्ड: शादी से पहले ससुर ने पूछा था, तबलची से क्यों करूं बेटी की शादी?

Chetna Jha | News18Hindi
Updated: February 13, 2017, 7:00 PM IST
ग्रेमी अवॉर्ड: शादी से पहले ससुर ने पूछा था, तबलची से क्यों करूं बेटी की शादी?
संदीप और तृप्ति के अफेयर की जानकारी जब परिवार को मिली तो शादी की बात चली. संदीप से मिलकर उनके ससुर जी ने पूछा कि आखिर एक तबलची से मैं अपनी बेटी की शादी क्याें करूं.
Chetna Jha | News18Hindi
Updated: February 13, 2017, 7:00 PM IST
ग्रेमी अवॉर्ड विजेता संदीप दास का झारखंड से गहरा नाता रहा है. धनबाद के निकट झरिया में जन्मे संदीप हालांकि ज्यादा दिनों तक झारखंड में नहीं रह सके, पर अब भी उनके परिवार के कई सदस्य यहां रहते हैं. लिहाजा उनका आना-जाना लगा रहता है.

याद आती है रांची की कचौरी-जलेबी

अवॉर्ड मिलने के बाद न्यूज18 हिंदी से फोन पर बात करते हुए उन्होंने कहा 'आज भी लालपुर की कचौरी-जलेबी याद आती है. रांची आने का तो बस बहाना चाहिए. मेरे गुरु के साले भी रांची में रहते हैं, जिनके परिवार से भी मेरा अच्छा नाता है. वहां रहने वाली भाभी के हाथ का बनाया खाना मुझे इतना पसंद है कि आने का कोई मौका छोड़ना नहीं चाहता हूं.'

जब 12 साल बड़े भाई बने थे खलनायक

लालपुर में संदीप दास के बड़े भाई गौतम दास और उनका परिवार रहता है. संदीप को अवार्ड मिलने की सूचना मिलने के बाद परिवार को बधाई देने वालों का तांता लग गया है. उनके भाई गौतम दास बताते हैं कि संदीप बहुत ही नटखट और जिंदादिल इंसान हैं. मेरे से 12 साल छोटा, पर भाभी को लेकर मुझे अभी भी छेड़ता है.

बकौल गौतम दास जब उनकी शादी सोनाली से हुई तब संदीप महज 8-9 साल के रहे होंगे. शादी के दो-तीन साल पहले भावी पत्नी से उनकी और परिवार की मुलाकात हुई थी. तब सोनाली को सोनालीदी कहा करते थे और वे उन्हें पढ़ाती भी थी. भैया-भाभी की शादी के बाद खुलेआम कहने लगे, 'दादा आप तो मेरी लाइफ के खलनायक निकले. भाभी से तो मैं शादी करना चाहता था.' आज इतने सालाें बाद भी यह शिकायत करना नहीं भूलते.

छोटी उम्र उम्र में खाली डिब्बों पर बजाते थे तबला

भाई गौतम कहते हैं कि संदीप चार भाईयों में सबसे छोटे थे. परिवार में सभी को संगीत से प्रेम था, पर नामी कलाकार कोई नहीं था. गाहे बगाहे जब परिवार के लोग फुर्सत के पल में साथ गुनगुनाते तो नन्हें संदीप कभी खाली डब्बों पर तो कभी मेज पर तबला बजाकर संगीत देते. ऐसी ही किसी खास घड़ी बड़े चाचा की नजर उनपर पड़ी, जो खुद भी थोड़ा-बहुत तबला बजाते थे. उन्होंने तुरंत छोटे भाई को सलाह दी, क्यों नहीं इसे किसी अच्छे गुरु से सिखाते हो. इसके बाद पटना के शिव कुमार शर्मा संदीप दास के गुरु बने.

संदीप के तबला सीखने के लिए पिता ने बनारस कराया तबादला

एक बार जब रुझान जाहिर हुआ, फिर पिता ने भी अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ा. गौतम दास बताते हैं कि उन दिनों दुर्गा पूजा में पटना में कई कार्यक्रम होते थे, जिसमें देश भर के कलाकर आते थे. पिताजी गाड़ी में बैठा कर बच्चों को कार्यक्रम दिखाने ले जाते थे. फिर पंडित किशन महाराज से सीखाने के लिए संदीप दास को हर शनिवार पटना से बनारस ले जाते और रविवार रात वापस आते थे.

उन दिनों पटना के सेंट जेवियर में संदीप दास की पढ़ाई चल रही थी.  लाने ले जाने का सिलसिला थकावट भरा लगने लगा तो पिता ने बनारस में ही अपना तबादला करा लिया और पंडित किशन महराज के घर के ऊपर ही किराए पर रहने लगे. इससे संदीप को रियाज और प्रशिक्षण में सहूलियत हुई.

क्रिकेट और गोल्फ के धुरंधर

भाई गौतम बताते हैं कि तबला में खुद को साबित करने वाले संदीप की खेल में भी गहरी रुचि है. एक बार बिना किसी अभ्यास के पटना के एक मैच में भाई को लेकर गए और खेलने के लिए मैदान में उतार दिया. उस समय उन्होंने 50 रनों की शानदार पारी खेलकर सबको अचम्भित कर दिया. बाद में दिल्ली जाने पर गोल्फ भी खूब खेले. गोल्फ इतना पसंद आया कि आज उनकी बेटियां भी गोल्फ खेल रही हैं.

चार में तीन भाई की लव मैरिज

भाभी को शरारत में अपना फर्स्ट लव बताने वाले संदीन ने लव मैरिज की है. बंगाली समाज के संदीप और बिहारी तृप्ति की मुलाकात एनसीसी कैंप के दौरान पटना में ही हुई थी.  भाई गौतम बताते हैं कि मेरी और सोनाली की शादी भी लव मैरिज है. वहीं एक और भाई ने भी प्रेम विवाह किया है. चार भाइयों में बस एक की शादी अरेंज मैरिज हुई है.

जब ससुर ने पूछा था तबलची से क्यों करूं बेटी की शादी?

गौतम दास बताते हैं कि संदीप और तृप्ति के अफेयर की जानकारी जब परिवार को मिली तो शादी की बात चली. संदीप से मिलकर उनके ससुर जी ने पूछा कि आखिर एक तबलची से मैं अपनी बेटी की शादी क्याें करूं.

इस घटना के कुछ सालों बाद पटना के रविंद्र भवन में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें विश्वमोहन भट्ट के साथ उनकी संगत थी. कार्यक्रम देखने  संदीप के ससुराल से भी लोग आए थे. प्रोग्राम के बाद लोगों की भीड़ ने संदीप को घेर लिया और उनसे ऑटोग्राफ लेने लगे. तब संदीप के पिता ने अपने समधी को कहा, अब तक आपको जवाब मिल गया होगा कि क्यों आपने तबलची से अपनी बेटी की शादी की.
First published: February 13, 2017
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