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सीएनटी से शराब बंदी तक पर नीतीश का हमला, कहा, नहीं पूरा हुआ झारखंड बनने का उद्देश्य

Narendra Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: May 17, 2017, 4:25 PM IST
सीएनटी से शराब बंदी तक पर नीतीश का हमला, कहा, नहीं पूरा हुआ झारखंड बनने का उद्देश्य
बुधवार को झारखंड में बिहार के सीएम नीतिश कुमार ने आदिवासी सेंगला रैली को संबोधित किया.
Narendra Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: May 17, 2017, 4:25 PM IST
जिस परिकल्पना से झारखंड का गठन हुआ था, आज वह पूरा नहीं हुआ यह दुखद है. झारखंड आदिवासी मूलवासी झारखंड की असली पहचान है. जब गैर आदिवासी को ही झारखंड में सीएम बनना था तो बिहार से झारखंड अलग ही क्यों हुआ.

बिहार के सीएम और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बुधवार को रांची में यह बात कही.  नीतीश  आदिवासी सेंगेल रैली में शरीक होने रांची पहुंचे थे.  इसके मुख्य आयोजक  आदिवासी सेंगेल अभियान के नेता व पूर्व सांसद सालखन मुर्मू  हैं.

नीतीश कुमार ने कहा कि कानूनी और संवैधानिक रूप से भले सही हो. ,लेकिन गैर आदिवासी का झारखंड का सीएम बना तो मुझे सही नहीं लगा और यह झारखंड के विकास के लिए भी सही नहीं हुआ.

सीएनटी-एसपीटी में संशोधन मसले पर हमला

नीतिश कुमार ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी में संशोधन मसले पर भी जम कर हमला बोला. कहा, सूबे के आदिवासियों के लिए घोर अन्याय है. इसकी कोई आवश्यकता नहीं थी. बगैर सहमति के आदिवासियों से परियोजना के नाम पर जमीन लेना और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना, कहीं से उचित नहीं है. सभी की सहमति से कानून बनना चाहिए और लोगों की जमीन ली जानी चाहिए.  कम से कम 70 फीसदी लोगों की सहमति इसके लिए होनी जरूरी है.सीएनटी-एसपीटी संशोधन विधेयक के खिलाफ जारी लड़ाई में नीतीश कुमार ने पूरा समर्थन का एलान किया.

रघुवर पर निशाना

बिहार के सीएम ने शराबबंदी पर एक बार फिर झारखंड की रघुवर सरकार को निशाने पर लिया. कहा कि लोग डरते हैं कि शराब बंद करने से राजस्व का नुकसान होगा. लेकिन यह बेकार की बातें हैं. बिहार विकास की ओर बढ़ रहा है और पूर्ण शराबबंदी की और भी बढ़ चुका है. कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री को शराबबंदी को लेकर पत्र लिखा था लेकिन यह शराब बंदी क्या करते हैं उल्टा झारखंड के बॉर्डर से बिहार शराब ही पहुंच जा रहा है.

आदिवासियों की बात

नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी पर झारखंड में भी कई कार्यक्रमों में लोगों ने समर्थन जाहिर किया है. आदिवासी समाज के लोगों को बदनाम किया जा रहा है वह कभी नहीं चाहते हैं इस शराब का सेवन हो इसीलिए झारखंड में भी इस मुहिम को तेज किया जाएगा
First published: May 17, 2017
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