आत्महत्या के लिए रेलवे ट्रैक पर खड़े पति की पत्नी से गुहार सुनिए...

Rajesh Tomar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: March 16, 2017, 2:12 PM IST
Rajesh Tomar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: March 16, 2017, 2:12 PM IST

बेइंतहा मोहब्बत करते थे तुमसे...अब और ज़लालत बर्दाश्त नहीं हिना. तेरे दरवाजे तक भी नहीं जाएगी मेरी रुह…अंतिम बार सुना दे बेटे की आवाज़ हिना…

यह आवाज डाल्टेनगंज के एक शौहर की जो मरने से चंद मिनट पहले बीवी को फोन कर  एक बार बेटे की आवाज सुना देने की गुहार करता है.  पारिवारिक विवाद के बाद मायके चली गई पत्नी से आखिरी बार बातचीत जिसमें जाहिर होता है मरने वाले का बेइंतहा प्यार अपनी बीवी के लिए, अपने बच्चे के लिए. बेटे को एक बार देखने की कसक, मरने से पहले उसकी एक आवाज सुनने की कसक.

आवाज में प्यार तो उस बीवी का भी झलकता है जिसने शायद मियां-बीवी के विवाद के बीच पुलिस के डंडे की मार शौहर पर करवाई. इस आखिरी बातचीत में कई बार बीवी ने शौहर से प्यार का दावा किया तो उसे बच्चे का मुंह देखकर ही कुछ कदम नहीं उठाने की भरकस गुहार भी की…मौत को गले लगाने की ठान चुके पति ने बीवी को उसे बचाने के लिए ज्यादा कुछ करने की गुंजाइश भी नहीं दी. बीवी से बात करते करते ट्रेन के आगे कूद कर दे दी जान. दर्द भरे ऑडियो क्लिप में सुनिए मरने वाले की आखिरी आवाज…जो यकीनन आपकी रुह को झंकझोर देगी..

हैलो..हिना..

हां

अच्छा लग रहा है ना तुमको..हमको बर्बाद करके

क्या हुआ

बहुत चाहते हैं तुमको..माई बाप से ज्यादा

क्या हुआ

मेरे जाने के बाद मेरे बेटा को माई बाप को अपने से सौंप देना, खास ख्याल रखना..बहुत चाहते हैं तुमका..अब शिकायत नहीं होगी

ऐसा मत कहिए..हम भी बहुत मानते हैं..अभी भी मानते हैं

महीना भर तक घर छोड़ दिए थे, खाना पीना सब छोड़ दिए थे... तुम शौहर को बोलकर पिटवा दी ना..यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए हम..

हमको भी अच्छा नहीं लगा..आपकी अम्मी की वजह से  ऐसा किए..

बाबू कहां है, जरा बात करा दो

(बच्चे को उठाने के लिए आवाज..बेटा उठो..पापा से बात करो..पर बच्चे की कोई आवाज नहीं आती है)

नउआ नहीं आया था लेने के लिए...

नउआ! नउआ आने वाला था क्या!

बोले थे कि एक बार बाबू को लाकर मिला दो..(बेहद निराशा से)..नहीं काम किया नउआ भी

तो आइए ना..आकर मिल लीजिए बाबू से

अब तो मर जाएंगे तो मेरी रूह भी तुम्हारे घर नहीं आएगी. इज्जत निकाल दी तुम पिटवा कर.

हम कभी ऐसा नहीं करते..अम्मी की वजह से ...रोइए मत

जिंदगी का लास्ट आवाज है...अब आवाज सुनने को तरसेगी

कहां हैं अाप

माइ बाप जैसे मुझे पाला है, मेरे बेटा को भी पाल लेंगे..बहुत प्यार किए थे तुमसे.. मेरा रूह कभी तुम्हारे साथ नहीं रहेगा..बस दू मिनट की जिंदगी है

कहां हैं आप

कुछ आवाज सुनाई दे रहा है...दूर दराज से

नहीं, कहां है आप

प्यार की है तो फोन मत काटना...बहुत चाहे थे हम...कट जाएंगे, मर जाएंगे..

(गाड़ी की आवाज)

हिनाssssssssssss

First published: March 16, 2017
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