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मेसो परियोजना में करोड़ों का घपला, नहीं बनाए गए पॉल्ट्री फार्म

ETV Bihar/Jharkhand
Updated: June 20, 2017, 12:08 AM IST
मेसो परियोजना में करोड़ों का घपला, नहीं बनाए गए पॉल्ट्री फार्म
बबलू मूर्मू प्रोजेक्ट निदेशक, मेसो परियोजना
ETV Bihar/Jharkhand
Updated: June 20, 2017, 12:08 AM IST
साहेबगंज में मेसो परियोजना के तहत बोरियो प्रखंड में करोड़ों की राशि से एनजीओ के माध्यम से मुर्गी का पॉल्ट्री फार्म बनाया जाना था. लेकिन नहीं बनाए गए. लाभुकों को न तो मुर्गी मिली और न ही पॉल्ट्री फार्म के शेड. जहां कही शेड भी बने तो लोगों ने मुर्गी नहीं मिलने पर घर बना लिया.

बता दें कि डेढ़ करोड़ रूपयों की लागत से बोरियो प्रखंड के पहाड़पुर चासगांवा और बिचपुरा, जिरुल बीरबलकांदर गांवों में मुर्गी शेड बनाया जाना था. तीन एनजीओ के माध्यम से तीन करोड़ की राशि के एवज में लाखों रूपए अग्रिम राशि के रूप में दे दी गई. अग्रिम राशि मिलने के बाद एनजीओ ने कई गांवों में कहीं-कही मुर्गी शेड बनाकर खानापूर्ति कर ली. कई गांवो में शेड भी नहीं बनाए गए. मुर्गी शेड के बने अधूरे शेड में लोग अब घर बनाने लगे हैं.

यानी गांवो में न मुर्गी शेड बनाए गए और न ही मुर्गी पालने की योजना कारगर हुई. एनजीओ भी अग्रिम राशि लेकर फरार हो गए. मालूम हो कि मेसो परियोजना की अधिकतर योजनाएं अग्रिम राशि देकर एनजीओ के माध्यम से ही कराई जाती है. निश्चय ही इसी कारण से बाकी सारी योजनाओं का हश्र भी ऐसा ही हुआ.

मेसो परियोजना के प्रोजेक्ट निदेशक बबलू मुर्मू ने कहा कि विधायक ताला मरांडी ने एसेम्बली में इस मामले में प्रश्न उठाया था. उसकी ही जांच डीडीसी द्वारा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ किया जा सकता है.

विधायक द्वारा विधानसभा में प्रश्न कर मामले की जांच की मांग उठाई गई. लेकिन छह माह से अधिक समय के बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं आना पदाधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खडा करता है. ऐसे में जांच रिपोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल लाजिमी है.
First published: June 20, 2017
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