नर्मदा घाटी में डूब प्रभावितों और एनबीए ने फिर खोला मोर्चा

ETV MP/Chhattisgarh
Updated: May 19, 2017, 7:45 AM IST
नर्मदा घाटी में डूब प्रभावितों और एनबीए ने फिर खोला मोर्चा
उच्चाधिकारियों को डूब प्रभावितों और एनबीए कार्यकर्ताओं ने घेर लिया.
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Updated: May 19, 2017, 7:45 AM IST
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में नर्मदा घाटी में डूब प्रभावितों और एनबीए ने एक बार फिर से मोर्चा खोल दिया है. दो माह बाद जिस तरह से सरदार सरोवर बांध के गेट लगने की खबरे तेज हुई हैं, तभी से डूब क्षेत्र में शासन—प्रशासन और एनबीए दोनों की गतिविधियां तेज हो गई हैं. गुरुवार को पुनर्वास स्थलों की स्थिति और गांवों का जायजा लेने इंदौर कमिशनर संजय दुबे, आईजी अजय शर्मा और पुनर्वास आयुक्त रेणु पंत ने ग्राम बडदा मोहिपुरा और बोरलाय के डूब क्षेत्र और पुनर्वास स्थलों का दौरा किया.

डूब क्षेत्रो का दौरा कर बडवानी रेस्ट हाउस पहुंचे उच्चाधिकारियों को डूब प्रभावितों और एनबीए कार्यकर्ताओं ने घेर लिया.  सवालों के जवाब दिए बगैर ही अधिकारी जब वहां से जाने लगे तो गुस्साए डूब प्रभावित उनके वाहनों के आगे लेट गए. अधिकारियों के वाहनों का रास्ता खोलने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर डूब प्रभावित और एनबीए कार्यकर्ताओं को रास्ते से हटाया. दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का—मुक्की हुई.

एनबीए के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर कोतवाली थाने का घेराव भी किया. एसपी ने मारपीट की घटना से इनकार कर प्रशासनिक अधिकारियों का गलत तरीके से रास्ता रोकने की बात कही. वहीं कलेक्टर ने शासकीय वाहन रोकने की बात कहते हुए बल प्रयोग के घटनाक्रम के संज्ञान में नहीं होने की बात कही. बहरहाल भोपाल और इंदौर से आए अधिकारियों की बातचीत से यह तो स्पष्ट है की बांध के गेट लगने से पहले डूब प्रभावितों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सभी सुविधाएं मुहैय्या कराना जरुरी है.
First published: May 19, 2017
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