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प्रदेश के निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों ने सरेंडर की 19 फीसदी सीटें

Makarand Kale | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: June 19, 2017, 5:19 PM IST
प्रदेश के निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों ने सरेंडर की 19 फीसदी सीटें
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय.
Makarand Kale | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: June 19, 2017, 5:19 PM IST
मध्यप्रदेश के निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों ने कुल मिलाकर 19 फीसदी सीटें सरेंडर कर दी हैं. वहीं आंकड़ों के अनुसार एडमिशन में गिरावट के चलते प्रदेश में अब तक 23 कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. इसके बावजूद प्रदेश भर के ​निजी कॉलेजों में सत्र 2017—18 के लिए 70551 सीटें उपलब्ध हैं, जिन्हें भरना भी मुश्किल ही नजर आ रहा है.

मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी की मानें तो नीजिकरण के दौर में एक समय प्रदेश में प्रायवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की बाढ़ सी आ गई थी. उस समय इंजीनियरिंग की ओर छात्रों का रुझान भी काफी था. लेकिन निछले कुछ सालों में हालात बदले हैं. ना तो कॉलेज गुणवत्ता शिक्षा दे पा रहे हैं और ना ही छात्र अब एडमिशन ही ले रहे हैं. प्रदेश के प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों ने 19 फीसदी सीटें सरेंडर कर दी हैं. ऑफ कैंपस ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए इन कॉलेजों ने 15468 सीटें कम करके एडमिशन के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग को 64,491 सीटें ही दी हैं. सीट सरेंडर के बाद अब छात्रों के पास सभी संस्थानों की मिलाकर करीब 70551 सीटें उपलब्ध हैं.

प्राइवेट, सेल्फ फायनेंसिंग, सरकारी ऑटोनॉमस और सरकारी अनुदान प्राप्त कॉलेजों में संचालित बीई कोर्स में एडमिशन के लिए बीते हफ्ते से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसी साल विधान सभा में दिए गए आंकड़ों की मानें तो प्रदेश भर में 23 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. इससे उलट मैनेजमेंट कोर्सेस की सीटों में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. आरजीपीवी से जुड़े ज्यादातर कॉलेजों में इंजीनियरिंग में प्रवेश लेने वालों की संख्या लगातार कम हो रही है.
First published: June 19, 2017
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