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शिवराज ने सिविल सर्विस डे पर दी अफसरों को नसीहत


Updated: April 20, 2017, 10:58 PM IST
शिवराज ने सिविल सर्विस डे पर दी अफसरों को नसीहत
शिवराज सिंह चौहान

Updated: April 20, 2017, 10:58 PM IST
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिविल सर्विस डे के अवसर पर अफसरों को नसीहत देते हुए कहा कि वे आपस में समन्वय से काम करें न कि दो देशों (शत्रु देश) की तरह.

प्रशासनिक अकादमी में गुरुवार को आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री चौहान ने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे सिविल सर्विस की विश्वसनीयता एवं प्रतिष्ठा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर आत्मविश्लेषण की प्रक्रिया चलती रहे. उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक सुधारों के लिए मंथन की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी.

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे प्रदेश के विकास के लिए मिलकर काम करें, कई बार देखा गया है कि विभागों में आपस में टकराव होता है, अफसरों को सामंजस्य बनाकर काम करना चााहिए, न कि दो देशों की तरह.

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चौहान ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था को बनाए रखने में सिविल सेवा का योगदान महत्वपूर्ण है, उपलब्धियां बहुत हैं. अवसर आत्मविश्लेषण का है. जनहित में और बेहतर कैसे किया जा सकता है, इस पर चिंतन की आवश्यकता है. फैसले तेजी से, ताकत से लिए जाएं. उनके लाभ अंतिम कड़ी तक पहुंच जाए. प्रक्रियाओं के निर्माण में उनके जमीनी क्रियान्वयन पर भी ध्यान दिया जाए, यह जरूरी है.

मुख्यमंत्री ने भगवद् गीता के श्लोक का संदर्भ देते हुए कहा कि सात्विक कार्यकर्ता की विशिष्टताओं का निरंतर स्मरण करते रहें. इससे जीवन और बेहतर होगा.

 
First published: April 20, 2017
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