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अनिल दवे ने 5 साल पहले लिखी थी वसीयत, पढ़ें- 4 प्रमुख बातें

ETV MP/Chhattisgarh
Updated: May 18, 2017, 6:47 PM IST
अनिल दवे ने 5 साल पहले लिखी थी वसीयत, पढ़ें- 4 प्रमुख बातें
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Updated: May 18, 2017, 6:47 PM IST
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल दवे का गुरुवार को निधन हो गया. वह 61 वर्ष के थे. दवे 2009 से राज्यसभा सांसद थे. अनिल दवे ने पांच साल पहले अपनी वसीयत लिखी थी, जिसमें उन्होंने अपने अंतिम संस्कार से जुड़े चार बिंदू लिखे थे.

यह वसीयत मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के अनिल दवे के इंदौर में अंतिम संस्कार किए जाने के बयान के कुछ ही देर बाद सामने आई. यह वसीयत इंदौर में रहने वाले उनके छाेटे भाई अभय दवे के घर पर रखी थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि संभव हो तो मेरा दाह संस्कार होशंगाबाद जिले में बाद्राभान में नदी महोत्सव वाले स्थान पर किया जाए.



वसीयत के सामने आने के बाद बाद्राभान में अंतिम संस्कार किए जाने का फैसला लिया गया.  23 जुलाई 2012 को लिखी वसीयत के अनुसार,

- संभव हो तो मेरा दाह संस्कार बाद्राभान में नदी महोत्सव वाले स्थान पर किया जाए.
- उत्तर क्रिया के रूप में केवल वैदिक कर्म ही हों. किसी भी प्रकार का दिखावा, आडंबर न हो.
- मेरी स्मृति में कोई भी स्मारक, प्रतियोगिता, पुरुस्कार, प्रतिमा इत्यादि विषय कोई भी न चलाए.
- जो मेरी स्मृति मे कुछ करना चाहते हैं. वे कृपया वृक्षों को लगाने अथवा संरक्षित कर बड़ा करने का कार्य करेंगे तो मुझे आनंद होगा. वैसे ही नदी, जलाशयाें के संरक्षण में अपनी सामर्थ्य अनुसार अधिकतम प्रयत्न भी किए जा सकते हैं. ऐसा करते हुए भी मेरे नाम के प्रयोग से बचेंगे.

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First published: May 18, 2017
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