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चक दे इंडियाः 35 साल बाद इस प्लेयर को मिली खुशी! भारत ने लिया पाकिस्तान से बदला


Updated: June 20, 2017, 6:16 PM IST
चक दे इंडियाः 35 साल बाद इस प्लेयर को मिली खुशी! भारत ने लिया पाकिस्तान से बदला
News18

Updated: June 20, 2017, 6:16 PM IST
नई दिल्ली में 1982 में आयोजित एशियन गेम्स के फाइनल में पाकिस्तान के हाथों मिली हार का दुख हॉकी प्रेमियों को कई दशकों से दर्द देता रहा है. हॉकी को करीब से नहीं जानने वाले आम भारतीयों ने भी 'चक दे इंडिया' फिल्म में शाहरुख खान के जरिए इस दर्द को महसूस किया है.

1982 में मिली हार के 35 साल बाद अब भारतीय टीम ने उस करारी शिकस्त का बदला ले लिया है. भारतीय टीम ने लंदन में खेले जा रहे हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल के ग्रुप मुकाबले में पाकिस्तान को 7-1 से रौंद दिया है.

भारत की इस जीत ने पूर्व हॉकी प्लेयर मीर रंजन नेगी को 35 साल बाद सुकून महसूस करने का मौका भी दिया है. अब जब भारतीय टीम ने पाकिस्तान को उसी अंतर से हराया तो मीर रंजन नेगी के चेहरे पर खुशियां लौट आई हैं.

दरअसल, 1982 में पाकिस्तान के हाथों 1-7 से करारी हार झेलने वाली भारतीय टीम में मीर रंजन नेगी गोलकीपर की भूमिका में थे. फाइनल में हार के बाद नेगी पर कई गंभीर आरोप भी लगे थे, लेकिन उन्होंने बतौर हॉकी कोच वापसी की और उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल भी जीता था.

माना जाता है कि चक दे इंडिया फिल्म हॉकी में मध्यप्रदेश का नाम रोशन करने वाले मीर रंजन नेगी पर बनी है. उन्होंने इस फिल्म के निर्माण में यशराज फिल्म की काफी मदद भी की थी.

पाकिस्तान पर इस जीत के बाद मीर रंजन नेगी ने सोशल मीडिया पर अपने दिल की बात शेयर करते हुए लिखा, ' हॉकी जैसे खेल में हाई स्कोरिंग मैच में हमेशा से गोलकीपर को दोषी ठहराने का ट्रेंड रहा है. 1982 एशियन गेम्स में पाकिस्तान ने भारत को 7-1 से हराया था उस वक्त तो ऐसा ही हुआ था. अब 35 साल बाद हमने पाकिस्तान को उसी अंतर से मात देकर बदला ले लिया.'
First published: June 20, 2017
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