VIDEO: 'डॉक्टर दादी' को घर जाकर कलेक्टर ने दिया पद्मश्री अवार्ड


Updated: April 20, 2017, 2:59 PM IST

Updated: April 20, 2017, 2:59 PM IST
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में रहने वाली 91 वर्षीय महिला डॉक्टर भक्ति यादव को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया. इंदौर कलेक्टर ने डॉ. यादव को भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया.

राष्ट्रपति ने पिछले दिनों राजधानी दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को पुरस्कृत किया था. डॉ. यादव की तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से वह इस समारोह में शामिल नहीं हो सकी थीं. इस वजह से इंदौर कलेक्टर पी. नरहरि ने गुरुवार सुबह उन्हें घर पर जाकर पद्मश्री से सम्मानित किया. इस मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री जयंत मलैया और महापौर मालिनी गौड़ भी मौजूद थीं.

91 साल की इस डॉक्टर के कंपकंपाते हाथों पर है मरीजों को विश्वास

इंदौर के क्लर्क कॉलोनी क्षेत्र में 91 साल की स्त्री रोग विशेषज्ञ भक्ति यादव को गरीब मरीजों का इलाज करते देखने पर यह समझा जा सकता है कि समाज में डॉक्टरों को भगवान का दर्जा क्यों दिया जाता है.

फोर्ब्स की सूची में भोपाल का जलवा, आफरीन अंसारी सहित चार युवा शामिल

अपने जमाने की गिनी- चुनी महिला डॉक्टरों में से एक शख्सियत पिछले छह दशक में एक लाख से ज्यादा महिलाओं का इलाज कर चुकी हैं और क्षेत्र में ‘डॉक्टर दादी’ के रूप में मशहूर हैं.

उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचने के बाद अक्सर वृद्धों में जिंदगी जीने की उम्मीदें कम होने लगती हैं. लेकिन डॉक्टर भक्ति यादव में अब भी ऐसा जज्बा है कि वह हर पल मरीजों की सेवा में बिताती हैं. गुजरात, राजस्थान तक की महिलाएं नॉर्मल डिलिवरी की उम्मीद से उनके पास आती हैं.

बिना कोई फीस लिए इलाज

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में रहने वाली स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भक्ति यादव 1948 से मरीजों का बिना कोई फीस लिए इलाज करती हैं. उन्हें अपने शहर इंदौर की पहली महिला डॉक्टर होने का गौरव भी हासिल हैं. 91 की उम्र में भी उन्हें सबसे ज्यादा तसल्ली मरीजों की सेवा करने पर ही मिलती है.

यहां शावकों को 'टाइगर' बनने की मिलती है ट्रेनिंग

हालांकि, डॉ. भक्ति यादव के शरीर पर उम्र का असर होने लगा है. 91 वर्ष की उम्र होने की वजह से उनकी हड्डियां कमजोर हो गई हैं. हाथ कांपते हैं. उसके बाद भी वह रोज अपने क्लिनिक में मरीजों को देखती हैं.
First published: April 20, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर