कराहती सुहाना की तस्वीर सोशल मीडिया पर हुई वायरल, मदद के लिए आगे आए लोग

Shivendra Singh Parmar
Updated: April 14, 2017, 10:36 PM IST
Shivendra Singh Parmar
Updated: April 14, 2017, 10:36 PM IST
कहते हैं डॉक्टर भगवान का दूसरा अवतार होते हैं, क्योंकि डॉक्टर के प्रयास से अक्सर लोगों की जिंदगी बचती है. सतना में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां तिल-तिल मौत के करीब जा रही एक मासूम को नई जिंदगी मिल गई. ये सब हुआ सोशल मिडिया और स्वयंसेवियों की मदद से.

सतना के एक निजी नर्सिंग होम में एक ढ़ाई वर्षीय सुहाना का सफल ऑपरेशन कर 15 किलो का ट्यूमर निकाला गया.

सुहाना को पिछले एक साल से पेट दर्द की शिकायत थी. दर्द से कराहती सुहाना बेहद गरीब परिवार की है. घर की माली हालत किसी बड़े अस्पताल ले जाने लायक नहीं थी. इस कारण उसका इलाज साशकीय अस्पतालों में हुआ. दर्द से राहत नहीं मिली.

मासूम सुहाना की किस्मत तब और खराब हो गई जब उसके सर से पिता का शाया उठ गया. बेबस परिवार घर में अपनी किस्मत को कोसता बैठा रहा तभी किसी व्यक्ति ने दर्द से कराहती सुहाना की तस्वीर सोशल मीडिया पर डाल दी. उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.

न केवल देश से बल्कि विदेशों से आर्थिक मदद मिली. मासूम को पीजीआई लखनऊ ले जाया गया, मगर वहां के डॉक्टरों ने इसे लाइलाज बताकर ऑपरेशन से मना कर दिया. मामला उत्तर प्रदेश के कर्वी जिले का था. कर्वी कलेक्टर अभिमन्यू सिंह ने सतना बिरला अस्पताल से संपर्क किया और बिरला अस्पताल ने सुहाना का सफल ऑपरेशन कर पेट से 15 किलो का ट्यूमर निकाला.

अब सुहाना स्वस्थ है और मां के आंखों में खुशी के आंसू हैं. मौत के आगोश में जा रही मासूम को अब नया जीवन मिल चुका. ऑपरेशन के पहले सुहाना का वजन 22 किलो था जो ट्यूमर निकलने के बाद 7 किलो बचा. डॉक्टरों की माने तो यह ऑपरेशन बेहद कठिन था. डॉक्टरों ने सोशल मिडिया की तारीफ की. कर्बी निबासी मदीना अब अपनी इकलौती संतान के चेहरे में खुशी देखकर बेहद खुश है.
First published: April 14, 2017
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