राज्य

किसान खुदकुशी: बेटा बोला बीज खरीदने के पैसे नहीं, शव देख बेहोश होकर गिरी पत्नी

Mustafa Hussain | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: June 19, 2017, 3:58 PM IST
किसान खुदकुशी: बेटा बोला बीज खरीदने के पैसे नहीं, शव देख बेहोश होकर गिरी पत्नी
Photo- ETV
Mustafa Hussain | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: June 19, 2017, 3:58 PM IST
मध्यप्रदेश में किसानों की खुदकुशी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है. अब राज्य के नीमच जिले में कथित तौर पर कर्ज के बोझ तले दबे किसान प्यारेलाल ओड़ ने खेत में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.

प्यारेलाल ओड़ के परिजनों ने कर्ज को खुदकुशी की वजह बताया है. हालांकि, पुलिस पारिवारिक विवाद से जुड़े पहलू पर भी तफ्तीश कर रही है.

जानकारी के अनुसार, सिटी थाना क्षेत्र के पिपलिया व्यास में रहने वाले 60 वर्षीय प्यारेलाल ओड़ का शव खेत में पेड़ पर फांसी पर लटका हुआ मिला. परिजनों ने बताया कि प्यारेलाल ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया से ढाई लाख रुपए का कर्ज लिया था.  आरोप है कि बैंक कर्मचारियों द्वारा कर्ज लौटाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था, जिसके चलते प्यारेलाल ने खुदकुशी कर ली.

प्यारेलाल के पास दो बीघा जमीन थी. वह ही परिवार की आजीविका का एकमात्र स्त्रोत था. प्यारेलाल खेती कर एक बेटे और छह बेटियों का पालण-पोषण कर रहा था.

बेटे देवकरण ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया, हमारे पास खेती के लिए बीज खरीदने के पैसे नहीं थे तो ऐसे हालात में बैंक का कर्ज कैसे चुकाते. पिता पर एक माह से बैंक कर्ज वसूली के लिए दबाव बना रहा था.

वहीं, पति के खुदकुशी करने के बाद पत्नी सहित पूरा परिवार गहरे सदमे में है. खेत में पति का शव फांसी पर लटके देख पत्नी बेसुध होकर गिर गई थी.

कांग्रेस पहुंची किसान के घर

पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस नेताओं के साथ मृतक प्यारेलाल के परिजनों से मिलने पहुंची. नटराजन ने किसान प्यारेलाल की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे है.

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

किसान की खुदकुशी के मामले में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए है. साथ ही किसान के परिवार को आर्थिक सहायता भी दी है. वहीं, एसपी का कहना है कि पूरे मामले की तफ्तीश की जा रही है. जांच के बाद ही आत्महत्या के सही वजहों का खुलासा हो सकेगा.
First published: June 19, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर