ताइवानी सब्जी विक्रेता को 2012 का रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड


Updated: July 31, 2012, 7:25 AM IST
ताइवानी सब्जी विक्रेता को 2012 का रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड
केवल छठी क्लास तक पढ़ने और गरीबी की वजह से जमीन पर सोने वाली एक ताइवानी सब्जी विक्रेता इस साल के एशिया का नोबल कहे जाने वाले रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड के छह विजेताओं में से हैं।

Updated: July 31, 2012, 7:25 AM IST
मनीला। केवल छठी क्लास तक पढ़ने और गरीबी की वजह से जमीन पर सोने वाली एक ताइवानी सब्जी विक्रेता इस साल के एशिया का नोबल कहे जाने वाले रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड के छह विजेताओं में से हैं। ताइवानी सब्जी विक्रेता को समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए अवॉर्ड दिया जा रहा है। उन्होंने बच्चों के लिए अब तक सात मिलियन ताइवानी डॉलर (231,800 अमेरिकी डॉलर) दान किए हैं।

मनीला स्थित रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड फाउंडेशन ने चेन शू-चू को ताइवानी बच्चों की जिंदगी बदलने और उन्हें अच्छा वातावरण मुहैया कराने के प्रयास के लिए रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड के लिए नामित किया। केवल छठी क्लास तक पढ़ने वाली और गरीबी की वजह से जमीन पर सोने वाली चेन अब अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा बच्चों की पढ़ाई और उनके रहन सहन पर खर्च करने में सक्षम हैं। चेन आपदाओं में विस्थापित परिवारों की भी मदद करती हैं। चेन कहती हैं कि पैसा तभी काम का होता है जब वो जरूरतमंदों को मिले। उन्हें खुशी होती है जब वे किसी का सहयोग करती हैं।

फाउंडेशन की अध्यक्ष कामेनसिता अबेला कहा कि पुरस्कार के लिए चुने गए सभी छह लोग अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और मानवीय प्रगति पर उनका गहरा प्रभाव रहा है। उनका प्रभाव सिर्फ उनके देशों में नहीं, बल्कि पूरे एशिया में है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने इस बात का प्रमाण दिया है कि व्यक्तिगत स्तर पर लोगों की जिंदगी में बदलाव लाया जा सकता है।

विजेता को अवॉर्ड के तौर पर 50 हजार डॉलर की राशि दी जाएगी। अवॉर्ड अगस्त के अंत में मनीला में एक समारोह में दिया जाएगा। यह पुरस्कार फिलीपींस के पूर्व राष्ट्रपति रैमन मैग्‍सेसे के नाम से दिया जाता है। उनकी 1957 में एक विमान हादसे में मौत हो गई थी।

First published: July 31, 2012
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