21 दिसंबर आज: चिंता न करें, नहीं होगी दुनिया खत्म

News18.com
Updated: December 21, 2012, 5:19 AM IST
21 दिसंबर आज: चिंता न करें, नहीं होगी दुनिया खत्म
नासा ने कहा है कि 21 दिसंबर 2012 को दुनिया का आखिरी दिन नहीं होगा। इसको गलत साबित करने के लिए वैज्ञानिकों ने पांच मिथकों पर से पर्दा उठाया है।
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Updated: December 21, 2012, 5:19 AM IST
नई दिल्ली। अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने कहा है कि 21 दिसंबर 2012 को दुनिया का आखिरी दिन नहीं होगा। इसको गलत साबित करने के लिए वैज्ञानिकों ने पांच मिथकों पर से पर्दा उठाया है।

मिथक- काफी लोगों का मानना है कि माया कैलेंडर में 21 दिसंबर आखिरी तारीख है जिससे दुनिया खत्म हो जाएगी।

तथ्य- भारतीय कैलेंडर 31 दिसंबर के बाद 1 जनवरी दिखाता है। उसी तरह माया कैलेंडर एक चक्र की तरह चलता है। इसके बाद माया कैलेंडर अगली तारीख दिखाएगा। अंत साल का होता है कैलेंडर का नहीं।

मिथक- निबरू ग्रह जो पृथ्वी से चार गुना बड़ा है वह पृथ्वी के काफी करीब आ जाएगा। इस के कारण सारी आपदा पृथ्वी पर आ गिरेगी।

तथ्य- अगर ऐसा होता तो खगोलशास्त्री इस बात की जानकारी काफी पहले लगा लेते। अगर यह ग्रह अदृश्य है तो इसके पृथ्वी से पास आने का असर पृथ्वी और बाकी के ग्रहों पर साफ देखा जा सकता है। हर दिन इस बात की जांच कर रहे खगोलशास्त्री हर दिन आसमान की जांच करते हैं।

मिथक- 21 दिसंबर को सौर तूफान आएगा जो सब कुछ उड़ा कर ले जाएगा।

तथ्य- सौर तूफान ब्रह्मंड में होते है लेकिन 21 दिसंबर को किसी सौर तूफान की जानकारी नहीं आयी है। अगला सौर तूफान मई 2013 में दिख सकता है लेकिन इससे दुनिया खत्म हो जाएगी यह नहीं कहा जा सकता। हर ग्यारह साल बाद सूर्य की उर्जा चर्म पर हो जाती है उससे सौर तूफान उत्पन्न होता है।

मिथक- 21 दिसंबर को पृथ्वी समेत सभी ग्रह सीधी रेखा में रहेंगे। जिससे ज्वारीय प्रभाव उत्पन्न होगा। यह पृथ्वी को नष्ट कर देगा।

तथ्य- दिसंबर माह में कोई भी ग्रह सीधी रेखा में नहीं आएगा। अगर ऐसा होता भी है तो पृथ्वी पर कोई ज्वारीय प्रभाव नहीं देखेने को मिलेगा।

मिथक- पृथ्वी की धुरी 21 दिसंबर को अपनी वास्तिविक जगह से हट जाएगी।

तथ्य- चंद्रमा के ग्रहपथ के कारण ऐसा संभव नहीं हो सकता। जिसके कारण पृथ्वी की धुरी अपनी जगह पर काबिज रहेगी।


First published: December 21, 2012
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