14 साल के हर्ष ने बनाया लैंडमाइंस ध्वस्त करने वाला ड्रोन, मिले 5 करोड़

Network18
Updated: January 13, 2017, 3:01 PM IST
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Updated: January 13, 2017, 3:01 PM IST
यूं तो वाइब्रेंट गुजरात समिट में दुनिया भर के पूंजीपति और नामी हस्तियां जुटे हैं, लेकिन इन सब से अलग 14 साल के हर्षवर्धन जाला यहां चर्चा का विषय बने हुए हैं. 10वीं में पढ़ने वाले हर्षवर्धन ने ऐसा कारनामा किया है, जिसके बारे में जो भी सुन रहा है वह हैरान है. हर्ष ने एक ऐसा ड्रोन डिजाइन किया है, जिसे लेकर गुजरात सरकार ने उनके साथ 5 करोड़ का समझौता किया है.

लैंडमाइंस ढूंढने में सक्षम है हर्षवर्धन का ड्रोन

हर्षवर्धन का डिजाइन किया हुआ ड्रोन लैंडमाइंस ढूंढने में सक्षम है. इतना ही नहीं, यह ड्रोन लैंडमाइंस को निष्क्रिय भी करता है. यह मेधावी छात्र ड्रोन प्रोडक्शन के अपने बिजनेस प्लान पर कम कर रहे हैं.

हर्षवर्धन ने बताया, 'साल 2016 में टीवी देख रहा था तभी एक खबर आ रही थी लैंडमाइंस को निष्क्रिय करते वक्त बड़ी संख्या में सैनिक जख्मी होकर दम तोड़ देते हैं. तभी दिमाग में आया कि अगर ऐसा ड्रोन बना दिया जाए जो लैंडमाइंस निष्क्रिय करने में सक्षम हो. इस ड्रोन से कई सैनिकों की जान बचाई जा सकती है.'

हर्ष ने बताया कि उन्होंने अब तक इस ड्रोन के नमूने पर करीब पांच लाख रुपये खर्च किया है. पहले दो ड्रोन के लिए उनके अभिभावक ने करीब 2 लाख रुपये खर्च किया जबकि तीसरे नमूने के लिए राज्य सरकार की ओर से 3 लाख रुपये की मदद की गई है.

हर्षवर्धन के ड्रोन की खूबियां

हर्ष ने बताया, 'ड्रोन में मकैनिकल शटर वाला 21 मेगापिक्सल के कैमरे के साथ इंफ्रारेड, आरजीबी सेंसर और थर्मल मीटर लगा है. कैमरा हाई रिजॉलूशन की तस्वीरें भी ले सकता है.' ड्रोन जमीन से दो फीट ऊपर उड़ते हुए आठ वर्ग मीटर क्षेत्र में तरंगें भेजेगा. ये तरंगें लैंड माइंस का पता लगाएंगी और बेस स्टेशन को उनका स्थान बताएंगी. ड्रोन लैंडमाइंस को तबाह करने के लिए 50 ग्राम वजन का बम भी अपने साथ ढो सकता है.'

हर्ष के पिता प्रद्युमनीष जाला नरोडा की एक प्लास्टिक कंपनी में अकाउंटेंट हैं जबकि उनकी माता निशाबा जाला हाऊसवाइफ हैं.
First published: January 13, 2017
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