OMG! एक आशियाना ऐसा भी...

News18Hindi
Updated: July 15, 2017, 11:41 AM IST
OMG! एक आशियाना ऐसा भी...
केरल के कन्नूर जिले में रहने वाले हरि और आशा की प्रकृति से मोहब्बत को, उनके बनाये गये घर को देखकर समझा सकता है.
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Updated: July 15, 2017, 11:41 AM IST
धुल और धुंए के बीच गुजरता हमारे जीवन का पल प्रदुषण के अंधे कुएं की ओर लगातार बढ़ रहा है. आज गांव शहर में और शहर महानगर में तेजी से बदलते जा रहे हैं. पर हमने कभी ये नहीं सोचा कि भागते-दौड़ते अब हमारी जिंदगी हांफने लगी है. थक रही है या फिर ठहर सी गई है.

हमने इस बात को समझा या नहीं, ये तो नहीं पता, लेकिन केरल के एक दंपति ने इस बात को समझते हुए एक अनोखी पहल की.

आज जब हम प्रकृति से दूर भाग रहे हैं, ये उसके करीब जा रहे हैं और हम सभी को बता रहे हैं कि प्रकृति के गोद में कैसे रहा जाता है.

केरल के कन्नूर जिले में रहने वाले हरि और आशा की प्रकृति से मोहब्बत को, उनके बनाये गये घर को देखकर समझा सकता है.

हरि और आशा ने अपने घर को पूरी तरह से ईको फ्रेंडली बनाया है, उनके घर की दीवारें भी सांस लेती जान पड़ती हैं. हरि और आशा के बीच प्रेम और शादी की वजह भी इनका प्रकृति से प्रेम ही है.

हरि और आशा ने साल 2007 में शादी कर ली. हरि कन्नूर में ही लोकल वॉटर सप्लाई डिपार्टमेंट में काम करते हैं. वहीं आशा ग्रामीणों को खेती करने के प्राकृतिक और प्राचीन तरीके सिखाती हैं.

हरि और आशा ने अपने ईको फ्रेंडली घर का नाम रखा हैं ननावु. ननावु का अर्थ होता है- होम ऑफ हार्मनी.

हरि और आशा ने अपना घर इस तरह से डिजाइन किया है कि इन्हें पूरे साल पंखे की जरूरत नहीं होती. उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को समझते हुए और इसको रोकने के लिए अपने घर में इलेक्ट्रीक प्लग पॉइंट भी काफी कम लगाए हैं.

दोनों पति-पत्नी पूरे महीने में केवल 4 यूनिट बिजली का ही इस्तेमाल करते हैं, जो आज की भागदौड़ और चकाचौंध भरी जिंदगी के लिहाज से काफी कम है.

शहरी जनजीवन के हिसाब से 4 यूनिट बिजली 1 दिन में खर्च होना बहुत आम बात है. ऐसे में 4 यूनिट बिजली का मासिक खर्च ऊर्जा संरक्षण का शानदार उदाहरण है.

हरि और आशा का अपने घर के बारे में कहना है कि ये उनके सपनों का घर है, जिसे बनाने में उन्होंने केवल 50 हजार रुपये खर्च किये. बेशक घर बनाने की मजदूरी उससे ज्यादा यानी लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये पड़ी थी. इस तरह उन्होंने अपना घर बनाने में कुल 4 लाख रुपये खर्च किये.

हरि और आशा के घर ननावु में बिजली की खपत इसलिए भी कम होती है, क्योंकि उन्होंने घर में 16 सोलर पैनल भी लगा रखे हैं. अपनी बिजली की ज्यादातर आवश्यकता को वो इसी से पूरा करते हैं.

ननावु में जमीन के भीतर गड्ढे में एक नेचुरल फ्रिज भी है, जिसमें कई दिनों तक सब्जियों, फल और मिल्क प्रोडक्ट्स को ताजा रखा जाता है. इस नेचुरल फ्रिज का आइडिया भी काफी पुराना है.

हरि और आशा के इस घर में कोई गैस कनेक्शन नहीं है क्योंकि उन्होंने अपने घर में बायो-गैस प्लांट भी लगा रखा है. इस गैस प्लांट में घर के वेस्ट मटेरियल से बायो-गैस बनाया जाता है. जिसका प्रयोग वो खाना पकाने के लिए करते हैं.

ऐसा नहीं है कि प्रकृति की गोद में रहने वाले इस दंपति के जीवन में आधुनिक तकनीति  की कोई जगह नहीं है. ये अपने घर में टेलीविजन और लैपटॉप का इस्तेमाल भी बखूबी करते हैं.

हरि और आशा के घर में प्रयोग होने वाली प्राचीन पद्धतियों को देखकर आप भी कहेंगे OMG! ये मेरा इंडिया.
First published: July 15, 2017
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