OMG! ये कब्रिस्तान है या चाय की दुकान

News18Hindi
Updated: July 13, 2017, 4:41 PM IST
OMG! ये कब्रिस्तान है या चाय की दुकान
‘द न्यू लकी रेस्टोरेंट’ के कब्रों के बीच बने अनूठे सिटिंग अरेंजमेंट की वजह से लोग दूर-दूर से यहां चाय की चुस्की लेने आते हैं
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Updated: July 13, 2017, 4:41 PM IST
चाय पीने के लिए लोग समंदर के किनारे, नदी के किनारे जाना पसंद करते हैं. कहीं हरियाली के बीच, तो कहीं फूलों और खुशबू के बीच चाय पीने की बात ही कुछ और होती है, लेकिन क्या कब्रों के बीच बैठ कर चाय पीने की बात सुनी है आपने ?.

जी हां, गुजरात के अहमदाबाद में स्थित ‘द न्यू लकी रेस्टूरेंट’ को देखकर आप भी यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि ये रेस्टूरेंट है या फिर कब्रिस्तान.

लगभग पांच दशक पुराने इस ‘द न्यू लकी रेस्टूरेंट’ के 45 साल पुराने ग्राहक बताते हैं कि जब उन्होंने यहां आना शुरू किया था, तब सिर्फ चाय की एक छोटी सी दुकान हुआ करती थी. लोग कब्रों के आस-पास बैठकर आराम से चाय पी लिया करते थे. समय ने करवट ली और वो छोटी सी दुकान आज हो गई अहमदाबाद की फेमस ‘द न्यू लकी रेस्टूरेंट’.

‘द न्यू लकी रेस्टूरेंट’ के कब्रों के बीच बने अनूठे सिटिंग अरेंजमेंट की वजह से लोग दूर-दूर से यहां चाय की चुस्की लेने आते हैं. इसका अनूठा कॉन्सेप्ट न सिर्फ पुराने लोगों में बल्कि युवाओं में भी ख़ासा फेमस है.

कई लोग कब्रों वाले ‘द न्यू लकी रेस्टूरेंट’ को अपने लिए भी लकी मानते हैं और किसी भी तरह के ज़रूरी काम से पहले यहां आकर चाय पीते हैं.

इस रेस्टूरेंट में कुल 26 कब्रें हैं, जिनका ख्याल रेस्टूरेंट स्टाफ स्वयं रखते हैं. स्टाफ के दिमाग में फ्लोर पर बने इन कब्रों के नक्शे ऐसे फिट हैं कि वो आसानी से इन कब्रों के बीच से होते हुए ऑर्डर टेबल तक पहुंचा देते हैं.

एक जमाने में मशहूर पेंटर एमएफ हुसैन भी ‘द न्यू लकी रेस्टूरेंट’ के मुरीद हुआ करते थे और अक्सर यहां चाय पीने आया करते थे. उन्हें यह जगह इतनी पसंद थी कि यहां बैठकर उन्होंने कई पेंटिंग्स भी बनाईं, जिनमें से कुछ पेंटिंग्स उन्होंने रेस्टूरेंट को बतौर तोहफे में दे दी.

हुसैन साहब के आने के बाद से ‘द न्यू लकी रेस्टूरेंट’ को एक खास और अलग तरह की पहचान मिली. अब यहां न सिर्फ देशभर से बल्कि विदेशों से भी कई लोग चाय पीने के लिए आते हैं. तो आप भी जब गुजरें अहमदाबाद से तो ‘द न्यू लकी रेस्टूरेंट’ में जरूर जाएं और कब्रों के बीच बैठकर चाय की चुस्की की आनंद लें.
First published: July 13, 2017
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