OMG! मिलिए 82 साल की रिवाल्वर दादी से

News18Hindi
Updated: July 6, 2017, 1:13 PM IST
OMG! मिलिए 82 साल की रिवाल्वर दादी से
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के जोहरी गांव की रहने वाली चंद्रो तोमर को ‘शूटर दादी’ और ‘रिवाल्वर दादी’ के नाम से भी जाना जाता है.
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Updated: July 6, 2017, 1:13 PM IST
“कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों.” इन लाइनों को दुष्यंत कुमार ने लिखा था.  ये लाइने बिल्कुल फिट बैठती हैं चंद्रो तोमर पर.

82 साल की चंद्रो तोमर भले ही उम्र के 80वें दशक में हों, लेकिन इनके कारनामें जानकर आप भी कहेंगे OMG! ये मेरा इंडिया.

6 बच्चों और 15 पोते-पोते वाली ये दादी रिवाल्वर चलाने में माहिर हैं. इन्होंने शूटिंग में 25 नेशनल चैंपियनशिप जीतें हैं.

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उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के जोहरी गांव की रहने वाली इस दादी को ‘शूटर दादी’ और ‘रिवाल्वर दादी’ के नाम से भी जाना जाता है.

चंद्रों तोमर ने निशानेबाजी की प्रैक्टिस 65 साल की उम्र में शुरू की. इन्होंने ये साबित किया कि कुछ नया करने के लिए उम्र नहीं देखी जाती.

ये दुनिया की सबसे ज़्यादा उम्र की शूटर हैं. इस उम्र में भी चंद्रो बिलकुल सटीक निशाना लगाती हैं.

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इनके निशानेबाज बनने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है. दरअसल, चंद्रो तोमर अपनी पोती शेफाली को जोहरी राइफल क्लब में लेकर गईं तो शेफाली बहुत डरी हुई थी. उसका मनोबल बढ़ाने के लिए उन्होंने खुद राइफल उठायी और ऐसे शूटिंग करने लगीं. जब राइफल क्लब के कोच ने दादी को शूटिंग करते देखा तो दंग रह गए. इसके बाद उन्होंने ‘रिवाल्वर दादी’ को शूटर बनने की ट्रेनिंग दी और आज इस दादी से गांव की बहुत सी लड़कियां शूटर बनने की ट्रेनिंग लेती हैं.

चंद्रो तोमर का कहना है कि निशानेबाजी से उनकी उम्र का कोई ताल्लूक नहीं है. वो कहती हैं कि अगर आप में हिम्मत है तो आप किसी भी उम्र में कुछ भी कर सकते हैं.
First published: July 6, 2017
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