पढ़ें: कैसा रहेगा नवंबर 2012 से दिसंबर-2013 तक आपका भविष्य

News18India.com

Updated: December 5, 2016, 12:53 PM IST
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पंडित अरुणेश कुमार शर्मा

मेषः आर्थिक गतिविधियों के लिए यह साल उत्तम बना रहेगा। शादी के योग्य लोगों को बेहतर वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त होंगे और मंगलकाज के योग बनेंगे। 30 मई 2013 से बृहस्पति के मिथुन राशि में प्रवेश के साथ भाग्य से जुड़े मामलों में सफलता बढ़ेगी। आय के साधन वर्ष के उत्तरार्ध में अधिक प्रभावी बन पड़ेंगे। 23 दिसंबर 2012 से केतु के मेष राशि में आने से कार्यगति प्रभावित हो सकती है। शंकालु प्रवृत्ति के बढ़ने से नकारात्मकता हावी रह सकती है। राशि स्वामी मंगल के वर्ष के पूर्वार्ध में शुभ भावों से गुजरने से करियर और प्रशासन से जुड़े कार्य सफल रहेंगे। बेहतर घर प्राप्ति का लक्ष्य भी इस वर्ष हासिल हो सकता है। कारोबारियों को व्यवहार कुशलता और बौद्धिक सक्षमता का लाभ मिलेगा। जीवन स्तर में चढ़ाव की स्थिति रहेगी। पूर्वार्ध में बृहस्पति का दूसरे भाव में विचरण धनधान्य के भंडार भरे रहने का संकेत है। पिता और ससुराल पक्ष से शुभदायक परिणाम मिलेंगे। निजी जीवन में संतुलन कायम रखने के लिए साथी की बातों को महत्त्व दें। उतावलापन और तुरंत प्रत्युत्तर देने से प्रतिकूल स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। शिक्षा और प्रेम सम्बन्ध के मामले सामान्य बने रहेंगे। संतान से इस वर्ष अधिक अपेक्षा न रखें। सुख की उपलब्धता औसत रहेगी। 9 नवम्बर 2012 से राशि स्वामी मंगल के भाग्य स्थान में प्रवेश के बाद शुभता तेजी से बढ़ेगी।

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मेषः आर्थिक गतिविधियों के लिए यह साल उत्तम बना रहेगा। शादी के योग्य लोगों को बेहतर वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त होंगे और मंगलकाज के योग बनेंगे।

वृषः लाभ की स्थिति का निर्माण 23 दिसंबर 2012 से होने लगेगा। जनवरी, फरवरी और मार्च के महीने सेहत और व्यक्तिव निखार के लिए बेहतर साबित होंगे। आशंका, भय और नकारात्मकता युक्त विचारों में कमी आएगी। दीर्घकालीन योजना पर अमल के लिए सर्वाधिक श्रेष्ठ तरीका यह रहेगा कि साल के पूर्वार्ध में मनोयोग से तैयारी करें और जून के आरम्भ के साथ इस पर अमल करने पर जोर दें। विवाह के योग्य लोगों के लिए अच्छे प्रस्ताव उपलब्ध होंगे। इनकी श्रेष्ठता 30 मई से बृहस्पति के मिथुन राशि में प्रवेश के बाद और बढ़ सकती है। जॉब और करियर में बदलाव का इन्तजार कर रहे हैं तो वर्ष की शुरुआत के साथ ही इस पर अमल करने के बारे में सोच सकते हैं। वर्षभर पराक्रम बढ़ा हुआ रहेगा। शत्रु निष्प्रभावी बने रहेंगे। आर्थिक गतिविधियों में सामान्यता बनी रहेगी। करियर से ज्यादा यह साल व्यक्तिगत उपलब्धियों के अधिक शुभकारक रहेगा। भाग्य से जुड़े मामले प्रभावी बने रहेंगे। धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों में रुचि उत्तरोत्तर बढ़ती रहेगी। विवादों में सफलता का योग है। इस वर्ष अनदेखे कर दिए गए विवाद उभरने का भी योग है। सफलता का प्रतिशत उच्च बना रहेगा। बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए बुध और शनि गृह की शुभता बढ़ाने का प्रयास करें। खाने में हरी सब्जियां और सलाद पर जोर दें। महत्वपूर्ण कार्यों को वर्ष के उत्तरार्ध में करने पर स्थिति और बेहतर रह सकती है।

मिथुनः श्रेष्ठ कार्यों को मूर्तरूप देने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दें। लंबे समय से इच्छित परिणाम की अभिलाषा इस वर्ष पूरी हो सकती है। विवादों में राहत मिलने से खुद को भारमुक्त अनुभव करेंगे। उत्तरार्ध में और बेहतर परिणाम हासिल होंगे। भाग्य से जुड़े मामले थोड़े प्रयास से सकारात्मकता के संकेत देने लगेंगे। 23 दिसंबर 2012 के बाद व्यर्थ विवादों और अनचाहे खर्चों से राहत मिलेगी। बाधा उत्पन्न करने वाले विरोधियों से मुक्ति की राह खुलेगी। लीक से हटकर या कम प्रभावित करने वाले कार्यों में बेहतर धनलाभ के योग बनेंगे। कारोबारियों के लिए सलाह है कि केवल स्वयं पर भरोसा करें। शिक्षा और पठन पाठन के क्षेत्र में इस वर्ष श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। गंभीर विषयों को आसानी से समझ सकेंगे। प्रेम संबंधों में तुलनात्मक रूप से रूचि कम रहेगी। स्वयं पहल कम ही करेंगे। अच्छी बात यह होगी जो भी सम्बन्ध और मित्र आप बनाएंगे वे विश्वसनीय और दीर्घकालिक होंगे। 30 मई 2012 से बृहस्पति के मिथुन राशि में आने के बाद आपके व्यवहार में धीरता बढ़ेगी। उतावलापन कम होगा। लोगों में विश्वसनीयता बढ़ेगी। विवाह योग्य व्यक्तियों को बेहतर प्रस्ताव हासिल होंगे। वर्षभर में सफलता का प्रतिशत औसत से ऊंचा रहेगा। फरवरी-मार्च में प्रशासनिक कार्यों में इच्छित परिणाम दिखाई देने लगेंगे। विशेष सुफल के लिए शुक्र गृह का प्रभाव बढ़ाएं। इसके लिए रहन-सहन में सुधार लाएं।

कर्कः यह वर्ष आपके लिए सहजता से गतिमान रहने के संकेत लेकर आ रहा है। अतिउत्साह और उतावलापन बड़ी कमजोरी के रूप में न उभर पाएं इसके लिए अविलम्ब आवश्यक उपाय करना शुरू कर दें। प्रतिदिन सैर पर निकलें। प्रार्थनालय में नियमित जाने का प्रयास करें। योग और सात्विक भोजन पर जोर दें। बोलने से ज्यादा सुनने की आदत बनाएं। चिंता-भय से मुक्ति के लिए ईश्वर में आस्था बढ़ाएं। अतार्किक विधि से लाभ कमाने के उपायों को सिरे से ख़ारिज कर दें। 23 दिसंबर 2012 के बाद प्रशासनिक कार्यों में अतिरिक्त समय लेकर पहल करें। पारिवारिक मामलों में अड़ियल रुख न अपनाएं। मार्च माह के उत्तरार्ध से जून पूर्वार्ध तक प्रयासों में सक्रियता बढ़ाकर महत्व के कामों को समय रहते पूरा कर लेने पर जोर दें। शुभता का प्रतिशत इस वर्ष औसत से कम रहेगा। सफलता प्राप्ति मेहनत और सटीक प्रयासों पर निर्भर करेगी। लापरवाही और आलस्य से काम प्रभावित हो सकते हैं। नवीन कार्यों की शुरुआत बिना ठोस योजना के ना करें। घर के बड़ों और अनुभवियों की सलाह को गंभीरता से सुनें और उचित विचार कर अमल करें। प्रेम संबंधों में पहल से बचें। सादा जीवन उच्च विचार की अवधारणा को अपनाने से बाधाएं कम होंगी। विवाह आदि की सोच रहे हैं तो आने वाली सर्दियों में इस मंगलकार्य को कर लेने पर जोर दें। करियर में बदलाव से पहले मित्रों से रिस्क डिस्कस कर लें।

सिंहः इस साल सफलता का प्रतिशत श्रेष्ठ बना रहेगा। 15 दिसंबर 2012 से आपका समय और बेहतर होने से कार्य बाधाएं स्वतः दूर होती चली जाएंगी। 23 दिसंबर 2012 से राहू के पराक्रम भाव में आने के बाद सक्रियता औसत से ज्यादा हो जाएगी। कार्यक्षेत्र की बाधाएं भी कम होती चली जाएंगी। अधिक सफलता के लिए सूर्य की पहली किरण को अंजुली में भरकर चेहरे पर मलने का टोटका आजमा कर देखें। माता-पिता और बुजुर्गों से आशीर्वाद लेकर दिन की शुरुआत करें। संयुक्त परिवार में आस्था बढ़ेगी। दूर देश तक ख्याति का विस्तार होगा। विदेश यात्रा संभव है। जून 2013 के बाद प्रतियोगियों को इच्छित परिणाम हासिल हो सकते हैं। विवाह के योग्य लोगों को मनोनुकूल रिश्तों के प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। घर और समाज में होने वाले मांगलिक कार्य कलापों में उचित सम्मान हासिल होगा। लोग आपके बड़प्पन की सराहना करेंगे। लोक जीवन में श्रेष्ठ माने जाने वाले कार्यों को करने से मान प्रतिष्ठा और धन की प्राप्ति होगी। शिक्षा और शौर्य प्रदर्शन में आगे रहेंगे। वर्षभर उत्साह और कार्योपयोगी ऊर्जा का संचार बना रहेगा। नौकरीपेशा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और उसका उचित प्रतिफल प्राप्त होगा। व्यवहार में नरमी और संतुलन बनाए रखें। व्यर्थ के शक्ति प्रदर्शन में क्षमताओं को नष्ट न करें। सितारों की शुभता में वृद्धि के लिए समाज हित से जुडी नवीन योजनाओं को मूर्तरूप देने का प्रयास करें।

कन्याः वर्ष औसत फलकारक है। मेहनत और सटीक कार्यगति पर सफलता का प्रतिशत निर्भर होगा। खानपान और रहन-सहन में लापरवाही से बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। बड़बोलापन और व्यर्थ टीका-टिप्पणी सबसे बडे़ शत्रु साबित होंगे। वाचालता पर तुरंत प्रभाव से अंकुश लगाने की आवश्यकता है। गुप्त विरोधियों और आकस्मिक आपदाओं से कार्यगति बाधित होती रहेगी। 23 दिसंबर 2012 से राहू-केतु के राशि परिवर्तन से धनहानि और व्यर्थ की बाधाएं परेशानी बढ़ाएंगी। रक्त संबंधियों और कुटुंबियों से मतभेद न बढे़ं इसके लिए धैर्य और आम सहमति को अपनाएं। शिक्षा, प्रेम और संतान के मामले सामान्य बने रहेंगे। आर्थिक लाभ की प्राप्ति के लिए विशेष प्रयास करने होंगे। वर्ष धन लाभ की अपेक्षा व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिए अधिक सहज रहेगा। सामाजिक और निजी जीवन बेहतर बना रहेगा। बृहस्पति के 30 मई 2013 तक भाग्य स्थान में बने रहने से कला और मनोरंजन से जुड़े लोगों को उपलब्धि हासिल करने में आसानी होगी। स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा। विद्यार्थी इच्छित परिणाम पा सकेंगे। इसके बाद करियर में सकारात्मक बदलाव का योग है। आध्यात्मिकता में रुचि बढ़ेगी। विरोधियों की सक्रियता वर्ष के उत्तरार्ध में अधिक परेशान कर सकती है। समय की शुभता बढ़ाने के लिए जरूरतमंदों की मदद करें। महत्वपूर्ण कार्य पूर्वार्ध में करने का प्रयास करें।

तुलाः समय की शुभता का अधिकाधिक लाभ उठाएं। वर्षभर सकारात्मक संकेत मिलते रहेंगे। जो भी नकारात्मकता और आशंका प्रभावित करेगी वह आपके द्वारा ही निर्मित होगी। 23 दिसंबर 2012 से राहू का तुला और केतु का मेष राशि में आना निजी जीवन में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न कर सकता है। चंचलता बढ़ा सकता है। धैर्यपूर्वक एवं स्थिर होकर कार्य करने में कठिनाई अनुभव कर सकते हैं। 30 मई 2013 के बाद बृहस्पति के भाग्य स्थान में आने के बाद आपके समस्त श्रेष्ठ कार्य संभव हो सकेंगे। लाभ की गतिविधियों में तेजी आएगी। बंधुओं से नजदीकियां बढे़ंगी। स्वास्थ्य बेहतर होगा। लोकप्रियता में बढ़ोतरी होगी। शैक्षिक कार्यकलाप परिणामदायक बन पड़ेंगे। प्रेम संबंध हितकारक बने रहेंगे। कुलीन परिवारों से विवाह प्रस्ताव प्राप्त होंगे। देशाटन और विदेश यात्रा पर जा सकेंगे। भ्रमण एवं अनोखे मनोरंजन में रुचि लेंगे। साहसिक कार्य करने का जोखिम उठा सकेंगे। 9 नवंबर से 23 दिसंबर 2012 तक साहसिक कार्यों को पूरा करने का प्रयास करें। इसके बाद गुरु की शुभता में ही ऐसा करना बेहतर रहेगा। साल का उत्तरार्ध अधिक शुभकारक बन पाएगा। करियर में बदलाव की सोच है तो जून आने तक धैर्य रखें। नवीनता के नाम पर अव्यावहारिक कारोबार को करने से पहले इसके समस्त पहलुओं पर तार्किक विचार कर लें। लाभ का प्रतिशत उच्च बना रहेगा। शनि गृह की शुभता बढ़ाने के लिए जरूरतमंदों को सहयोग करें।

वृश्चिकः विवेक और तर्क को सर्वोपरि रखते हुए समस्त गतिविधियों में सहजता बनाए रखने पर जोर दें। सितारों की चाल आपके लिए सामान्य से कम शुभ है। जो भी बेहतर परिणाम हासिल होंगे उसमें आपकी योग्यता और कर्मठता की प्रमुख भूमिका होगी। स्वयं को नौकरी और कारोबार के अनुरूप अपडेट रखें। नवीन तकनीक से बचने की जुगत लगाने के बजाय उन्हें अपनाने पर ध्यान केन्द्रित करें। हो सके तो खुद को बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक संस्थानों और कोचिंग्स का सहारा लें। अनुशासन और नियमितता से अपनी स्वीकार्यता और विश्वसनीयता बढ़ाने का प्रयास करें। ध्यान रखें, सीख और सुधार के लिए प्रतिकूलता सबसे प्रभावी कारक होती है। 23 दिसंबर 2012 से नकारात्मकता में कमी आएगी और निजी जीवन में आनंददायक पलों की रचना होगी। अनावश्यक विवाद तंग कर सकते हैं। विभिन्न प्रकार के अनियोजित खर्च से बजट प्रभावित न हो इसके लिए कुछ पैसा अतिरिक्त जुटाकर रखें। विवाह या किसी मंगलकार्य को करने की सोच रहे हैं तो 30 मई 2013 से पूर्ण करने का प्रयास करें। इसके बाद बृहस्पति की शुभता कम हो जाने से कार्य बाधा बढ़ेगी। राशि स्वामी मंगल बीच-बीच में रहत उपलब्ध करते रहेंगे और जोश भरते रहेंगे। उत्तेजना, अधीरता और वाचालता से खुद को बचाने की कोशिश करें। माता-पिता, बड़ों और भगवान में आस्था रखकर गतिमान रहें। कुशलता बढ़ेगी।

धनुः वर्षभर शुभता का प्रतिशत बढ़ते क्रम में रहेगा। आंशिक बाधाओं की चिंता किए बिना कारोबार को श्रेष्ठता के स्तर पर ले जाने का प्रयास करें। आय के नवीन स्त्रोतों की रचना होगी। आर्थिक पक्ष उल्लेखनीय बना रहेगा। निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों के लिए लाभ का प्रतिशत बेहतर रहेगा। 23 दिसंबर 2012 को राहू-केतु का राशि परिवर्तन घर परिवार में सुख शांति लाएगा एवं धनलाभ में सहायक होगा। शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रयास करना होगा। संतान यदि जिम्मेदारी निभाने लायक हो गई है तो उनपर अनावश्यक ढंग से अपनी सोच न थोपें। करियर के मामले बेहतर बने रहेंगे। 30 मई 2013 के बाद राशि स्वामी बृहस्पति का मिथुन में संचरण शुभता को और बढ़ाएगा। समाज के श्रेष्ठ कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करेंगे। कारोबारी सहयोगी, करीबी और मित्रों में सम्मान बढे़गा। लोग समस्याओं से बचने के लिए आपसे मदद और परामर्श ले सकते हैं। धार्मिकता और आध्यात्मिकता में मन रमेगा। व्यक्तित्व निखार और तेजस्विता में वृद्धि होगी। देश-विदेश में ख्याति विस्तार के साथ पुरस्कार प्राप्ति का भी योग बन सकता है। सपरिवार मनोरंजक भ्रमण और विदेश यात्रा पर जा सकते हैं। सत्ता से नजदीकियां प्रबल होंगी। राजनीति में उच्च पद हासिल कर सकते हैं। खुद को तैयार कर जुट जाएं क्योंकि अक्सर मिलता उतना ही है जितना बड़ा पात्र होता है। जनसंपर्क बेहतर बनाने पर जोर दें।

मकरः राशि स्वामी शनि की शुभता का संचार वर्ष भर बना रहेगा। कर्म क्षेत्र में मनोवांछित परिणाम संभव हैं। लोकप्रियता दिनोंदिन बढ़ेगी। नववर्ष की शुरुआत में मंगल की मकर में उच्च स्थिति आपको कठिनतर कार्यों को कर पाने की प्रेरणा देगी। झगड़ों और विवादों से खुद को बचाते हुए सकारात्मक कार्यकलापों पर फोकस बनाए रखें। 23 दिसंबर 2012 से राहू-केतु के राशि परिवर्तन से घरेलू मामलों में व्यवधान बढ़ सकते हैं और सुख प्रभावित हो सकता है। कारोबार के लिए घर से दूर जाना पड़ सकता है। निजी जीवन में अप्रत्याशित परेशानियां तनाव भर सकती हैं। बेहतर होगा कि घरेलू मामलों में कम सक्रियता दिखाएं। विवेक उच्च स्तर पर बने रहने और शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धिपूर्ण प्रदर्शन से साथियों से आगे निकल सकते हैं। विरोधियों के प्रयास आपको प्रभावित करने में नाकाफी होंगे। पूरी तैयारी के साथ लक्ष्य केंद्रित बने रहें। सफलता का प्रतिशत उच्च रहेगा। 30 मई 2013 के बाद बृहस्पति का मिथुन में भ्रमण शत्रु नाशक साबित होगा। खर्च पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए धन संग्रह पर जोर दें। एक कारोबार में समस्त धन का निवेश करने के बजाय इसे संतुलित ढंग से नियोजित करें। जीवन स्तर में सुधार बढ़ते क्रम में रहेगा। भाग्य के मामलों में लाभ का प्रतिशत औसत से अधिक बना रहेगा। कुलीन परिवार से रिश्ता जुड़ सकता है। प्रोफेशनल्स के लिए यह वर्ष बेहतर साबित होगा। व्यक्तित्व विकास पर जोर दें।

कुंभः मनोरंजन और लेखन कार्य से जुड़े लोगों के लिए यह वर्ष विशेष उपलब्धि लेकर आया है। ईश्वर में आस्था बढ़ेगी और सुख देने वाले पलों की रचना नियमित अंतराल से होती रहेगी। राशि स्वामी शनि के भाग्य स्थान में संचरण से दीर्घकालिक लाभ के योग बनेंगे। हालांकि 23 दिसंबर 2012 से केतु के भी भाग्य स्थान में आने के बाद मेहनत से सफलता अर्जित हो सकेगी। सूचनाओं की अधिकता बनी रहने से कई बार इनके कारण उचित चुनाव में अड़चन आएगी। इससे कार्य बाधा का सामना करना पड़ सकता है। 30 मई 2013 से बृहस्पति के मिथुन में प्रवेश के साथ आर्थिक गतिविधियां तेज होने लगेंगी। आध्यात्मिकता का भाव समाज और आमजन के लिए अतिरिक्त करने को प्रेरित करेगा। राजनीतिक दखल में बढ़ोतरी होगी। वर्ष के अंतिम महीनों में श्रेष्ठ वैवाहिक प्रस्ताव मिलने से चट मंगनी पट ब्याह की सोच सकते हैं। निजी जीवन शुभकारक बना रहेगा। साथी की बातों को गंभीरता से लेने की आदत परिवार में खुशियां बढ़ा सकती है। विमान यात्राओं का योग बना रहेगा। पूर्वार्ध में आय-व्यय में संतुलन बनाने के लिए सुख-सुविधाओं से समझौते करने पड़ सकते हैं। भाग्य के भरोसे किसी मामले को न छोड़ें, यथासंभव प्रयास करें। अन्यथा पछताना पड़ सकता है। लाभ का प्रतिशत औसत से अधिक बना रहेगा। शुभता पूर्वार्ध की तुलना में उत्तरार्ध में अधिक प्रभावी रहेगी।

मीनः 'रहिमन चुप्पी साधिये, देख दिनन के फेर। जब अच्छे दिन आहिहें बनत न लगिहे देर।' इन पंक्तियों को याद कर, इन पर अमल करने पर जोर दें। सितारों की चाल संकेत कर रही है कि सुनें सबकी पर करें मन की। आकस्मिक व्यवधान और गुप्त शत्रुओं की सक्रियता तंग कर सकती है। रफ़्तार के खेल में खुद को शामिल होने से रोकें। जल्दबाजी और अतार्किक लाभ की बातों पर भरोसा न करें। महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत 23 दिसंबर 2012 से पहले कर लें, तो बेहतर रहेगा। स्वभाव में चिड़चिड़ापन और कड़वा बोलने से बचने के लिए प्रत्युत्तर देने में जल्दी न करें। जीवनसाथी के साहस और समझ से बिगड़े काम बन सकते हैं। महत्वपूर्ण कार्यों में साथी को शामिल करना संभव हो तो, ऐसा अवश्य करें। इससे लाभ का प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिलेगी। करियर में सामान्यता बनाए रखने के लिए क्षणिक लाभ युक्त प्रलोभनों से प्रभावित न हों। विवाहादि के लिए वर्ष का पूर्वार्ध अधिक अनुकूल होगा। 30 मई 2013 से बृहस्पति के मिथुन राशि में प्रवेश के साथ बाधाएं बढ़ जाएंगी। संयुक्त परिवार और साझेदारी वाले कार्यों में भ्रमपूर्ण परिस्थितियों से गड़बड़ी की आशंका बनी रहेगी। धन संग्रह की आदत पर जोर दें। उत्तरार्ध में अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। सेहत से जुड़े मामले सामान्य बने रहेंगे। परिस्थितियों की शुभता बढ़ाने के लिए हनुमान जी की अर्चना करें। पूर्ण सफेद रंग के खादी वस्त्र पहनने से भी राहत बढ़ेगी। गुनगुना निर्मल जल पीकर दिन की शुरुआत करें।

First published: October 30, 2012
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