राशिफलः पढ़िए कैसा रहेगा आपके लिए ये साल!

News18India.com

Updated: December 5, 2016, 12:37 PM IST
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अरुणेश कुमार शर्मा

मेष-श्रेष्ठ प्रारम्भ के साथ आया यह वर्ष शुरुआती महीनों में तेज तरक्की दे सकता है। प्रस्तावों और प्रयोगों को प्रोत्साहन मिलेगा। जिम्मेदारी बढ़ाई जा सकती है। विवाहादि मांगलिक कार्यों के लिए पूर्वार्ध शुभकारक है। मध्य जुलाई के बाद सकारात्मकता में बढ़ोत्तरी होगी। आत्मविश्वास प्रबल होगा। हालांकि न्यायिक पक्ष प्रभावी रह सकता है। रिश्तों में असहजता बढ़ सकती है। अधिकतर महत्वपूर्ण कार्यों को नवंबर से पहले पूरा करने पर जोर दें। नवंबर में शनि का आठवें भाव में भ्रमण सेहत और सोच पर असर डाल सकता है। वार्षिक भविष्फल औसत से बेहतर है।

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मेष-श्रेष्ठ प्रारम्भ के साथ आया यह वर्ष शुरुआती महीनों में तेज तरक्की दे सकता है। प्रस्तावों और प्रयोगों को प्रोत्साहन मिलेगा।

वृष- अच्छे संकेतों से भरा रहने वाला यह वर्ष आपकी उम्मीदों को पंख प्रदान कर सकता है। मकर संक्राति से भाग्य की प्रबलता से कार्यों को गति मिलने लगेगी। प्रारंभिक माह धन, धर्म, धीरता, पद-प्रतिष्ठा और प्रोत्साहन देने वाले हैं। सम्बन्धों सुधार के साथ नए महत्वपूर्ण रिश्ते भी जुड़ सकते हैं। विवाह के योग्य हैं तो निश्चित ही अच्छी संभावनाएं हैं। आर्थिक और शैक्षिक क्षेत्र से जुड़े बड़े निर्णय जल्द से जल्द लेने पर जोर दें। वर्ष के अंत तक नए घर में प्रवेश की भी अच्छी संभावनाएं हैं। आपके प्रदर्शन के समक्ष ठहर पाना प्रतिपक्षी के लिए कठिन होगा। वार्षिक भविष्फल श्रेष्ठता कारक।

मिथुन- व्यक्तिगत उपलब्धियों और दांपत्य में श्रेष्ठता के संकेतों के साथ आया यह वर्ष फरवरी मध्य से चंहुओर सफलता के द्वार खोल सकता है। 19 जून से बृहस्पति का उच्च स्थान में भ्रमण सुख सुविधाओं और सम्बन्धों को बल प्रदान करेगा। करियर सम्बन्धी अत्यावश्यक कार्यों को जुलाई मध्य से पूर्व पूरा कर लेने कि कोशिश करें। इसके बाद घर के बड़ों और अधिकारियों से मतभेद कार्यबाधा बढ़ा सकते हैं। जन्म स्थान से दूर जाना पड़ सकता है। नवंबर से शनि का वृश्चिक में भ्रमण शत्रुओं पर प्रभाव बढ़ाने वाला होगा। वार्षिक भविष्यफल औसत से श्रेष्ठ और उत्तरोत्तर शुभकारक।

कर्क- अवरोधों पर विजय पाते हुए आगे बढ़े आ रहे आप इस वर्ष अधिकतर मोर्चों पर खुद को बेहतर प्रमाणित करने में सफल होंगे। मार्च मध्य से भाग्य और आत्मविश्वास के बेहतर होने से इक्षित परिणामों में वृद्धि होगी होगी। 19 जून से बृहस्पति के उच्च राशि में भ्रमण आपको ख्यातिलब्ध और प्रभावशाली बनाने में सहायक होगा। जुलाई मध्य से साहस और संपर्कों के बल पर जोखिम भरे कार्यों में भी पीछे नहीं हटेंगे। 2 नवंबर को शनि का चौथा ढैया भी पूरा हो जाएगा। श्रेष्ठ और गंभीर कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थी अच्छे अंकों के साथ आगे बढ़ेंगे। भविष्यफल उत्तरोत्तर उन्नति सूचक।

सिंह- सुख संवृद्धि के साथ आया यह वर्ष महत्वपूर्ण कार्यों को लक्ष्य तक पंहुचाने में मददगार रहने वाला है। प्रेम में हैं तो सम्बन्ध स्थायी बनाने में देरी न करें। विरोधियों को पीछे हटना ही होगा। सफलता और श्रेष्ठता के पूर्ण भोग कि सोच रहेगी। इससे बचें और शक्ति और सम्बन्धों के संचय पर जोर दें। शरणागत कि भरपूर मदद करेंगे। याद रखें इस मदद कि वापसी कि उम्मीद बिलकुल न करें। अत्यावश्यक कार्यों को जुलाई मध्य तक पूरा कर लें। तत्पश्चात कार्य होंने में अड़चनें बढ़ने कि आशंका है। शनि का चौथा ढैया भी नवंबर से शुरू होगा जो परिवार में असहजता बढ़ाकर आपको अस्थिर करने कारण उत्पन्न कर सकता है। वर्षफल सामान्य से शुभ।

कन्या- सुख संसाधन में बढ़ोत्तरी के साथ आया यह वर्ष परिश्रम का पूर्ण प्रतिफल देने वाला है। प्रेम सम्बन्धों में स्थायित्व बढ़ेगा। विद्यार्थी अच्छा करेंगे। प्रतिस्पर्धा में इक्षित परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। सफलता का प्रतिशत उत्तरोत्तर उछाल पर बना रहेगा। पूर्वार्ध आंशिक बाधाएं रह सकती हैं। उत्तरार्ध मंद परिणाम और संवरेंगे। जुलाई से राहू का राशि में भ्रमण अप्रत्याशित सफलता का संकेतक है। नवंबर से शनि का तीसरे भाव में आकर भाग्य स्थान को देखना हितवर्धक और साहसवर्धक है। दीर्घजीवी योजनाओं पर कार्य करें। वर्षफल शुभताकारक। क्रोध और कठोर व्यवहार से दूर रहें।

तुला- संपर्कों में मजबूती भरता आया यह वर्ष व्यक्तिगत उपलबधियों के लिए अच्छा रहने वाला है। राशि से दो भारी ग्रहों भ्रमण भी इस वर्ष पूर्ण हो जाएगा। जुलाई में राहू कन्या में प्रवेश कर जाएगा। शनि नवंबर से वृश्चिक में भ्रमण करेंगे। उक्त दोनों ही परिवर्तन हितकर रहने वाले हैं। बृहस्पति का जून से उच्च राशि में आना कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम दिला सकता है। प्रारंभिक महीनों को तैयारी का समय मानकर जुट जाएं। जब मौके मिलेंगे तो उन्हें गिनने का समय भी नहीं मिलेगा। वर्षफल उत्तरोत्तर हितकारक। कम्फर्ट जोन से बाहर आने पर ध्यान दें।

वृश्चिक- सफलता का जश्न मनाने के मौकों के साथ आया यह वर्ष तेजी से कार्य पूर्ण करने के संकेत लाया है। तय योजना से आगे बढ़ने के बजाय खुद को इस प्रकार तैयार रखें कि उत्पन्न परिस्थतियों को तुरंत सहज बनाते हुए आगे बढ़ सकें। अनोखे फैसले अप्रत्याशित सफलता दे सकते हैं तो बड़ा झटका भी। जून में भाग्य स्थान में उच्च का बृहस्पति आपके हित में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। जुलाई में राहू-केतु का राशि परिवर्तन भी पक्ष में रहेगा। न्यायप्रिय शनिदेव ही आपके असली परीक्षक बने रहेंगे। उन्हें मनाने के लिए नीतियों और नैतिकता का साथ न छोड़ें। वर्षफल सामान्य से शुभ।

धनु- बड़प्पन और बढ़ावे के साथ आया यह वर्ष आपके स्थायित्व के लिए विशेष महत्व रखता है। कार्यगति तेज रखें और आगामी कुछ वर्षों का कार्य इसी वर्ष में कर लेने की सोच रखें। अच्छे स्वास्थ्य और श्रेस्ठ व्यक्तित्व का लाभ उठाएं। नवंबर से शनि कि साढ़े साती भी शुरू हो जाएगी। जो वर्षांत में खर्च और गतिरोध का सूचक होगी। अगस्त-सितंबर तक अधिकतर काम पूरे कर लेंगे तो आगे सहजता से बढ़ते रहेंगे। वर्षफल सामान्य फलकारक। धर्म और नीति कि राह हर हाल में बनाए रखें। आर्थिक पक्ष कि मजबूती बनी रहेगी। सद्व्यहार पर जोर दें। प्रेम सम्बन्धों में अत्यधिक भावुकता भटकाव बढ़ा सकती है।

मकर- अच्छी सोच और शुभ निवेश के साथ आया यह वर्ष उल्लेखनीय उपलब्धियों की श्रृंखला निर्मित करने में सहायक हो सकता है। निजी जीवन में अनमोल क्षणों का आगमन सम्भव है। वैवाहिक मांगलिक कार्यों की प्रबल संभावना है। बाधाओं पर विजय पाने में आसानी होगी। प्रारम्भ में गति धीमी रह सकती है। एक बार राह बनने आपको रोक पाना लगभग असम्भव होगा। उत्तरार्ध में मान-प्रतिष्ठा और आर्थिक मोर्चे पर और बेहतर करेंगे। कारोबार में स्थिरता बढ़ेगी। वार्षिक भविष्यफल श्रेष्ठता सूचक। खुद को आजमाने को कोई मौका न चूकें। तार्किकता पर सर्वाधिक भरोसा रखें।

कुंभ- कारोबारी विस्तार, आर्थिक लाभ और नवीन प्रयोगों को बढ़ावा देता आया यह वर्ष आगे बनाए रखने में सहायक होगा। सही सोच और सटीक प्रयास से सबको अचंभित कर सकते हैं। भाग्य की प्रबलता वर्षभर बनी रहेगी। पूर्वार्ध अपेक्षाकृत अधिक प्रभावकारी और बेहतर रहेगा। जुलाई में राहु का राशी परिवर्तन विपक्षियों की मुश्किलें बढ़ाएगा। स्वास्थ्य के मामले में ये बदलाव थोड़ा नकारात्मक हो सकता है। लापरवाही से बचें। नवंबर से शनि का दसवें भाव में भ्रमण तरक्की और सफलता कि राह आसान करेगा। वार्षिक भविष्यफल हितकारक। चिंतन से ज्यादा कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दें।

मीन- प्रयासों को समर्थन दिलाता आया यह वर्ष उत्तरोत्तर सहजता बढ़ाने वाला है। प्रारंभिक माहों में अच्छी सफलता का लाभ अंत तक बना रहेगा। जून में बृहस्पति का उच्च राशि में प्रवेश बड़े लाभ का संकेतक है। शिक्षा, प्रेम, अर्थ, स्वास्थ्य और भाग्य पक्ष को बल मिलेगा। जुलाई में राहू-केतु का क्रमशः कन्या और मीन में आना कार्यगति धीमी कर सकता है। दांपत्य में धैर्य की परीक्षा ले सकता है. नवंबर में शनि का वृश्चिक में प्रवेश आठवें ढैया को पूर्णता देगा और भाग्य की प्रबलता बढ़ावा। वर्षफल सामान्य से शुभ। खुद पर भरोसा बनाये रखें और मजबूरी में समझौते से बचें।

First published: January 2, 2014
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