जानें: क्या होता है विषाक्त कालसर्प योग, क्या हैं इसके प्रभाव

News18India

Updated: December 6, 2016, 8:53 AM IST
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दीपक दूबे

ग्रह स्थिति: एकादश भाव में राहू और पंचम भाव में केतु के मध्य सभी ग्रहों के आ जाने से विषाक्त काल सर्प योग बनता है।

जानें: क्या होता है विषाक्त कालसर्प योग, क्या हैं इसके प्रभाव
ग्रह स्थिति: एकादश भाव में राहू और पंचम भाव में केतु के मध्य सभी ग्रहों के आ जाने से विषाक्त काल सर्प योग बनता है।

नकारात्मक प्रभाव: जन्म स्थान से दूरी, बड़े भाई से विवाद, संघर्षपूर्ण जीवन, नेत्र पीड़ा, हृदय रोग, अनिद्रा की बीमारी, कई बार दुर्घटना का योग।

सकारात्मक प्रभाव:  आय खूब होती रहती है, छठी इंद्री जागृत रहती है। जन्म स्थान से दूर अधिक सफल होंगे। हृदय स्वच्छ होता है।

सुझाव: धन कमाने की अत्याधिक प्यास से बचें , शिक्षा में अधिक प्रयास करें , भूल कर भी जानबूझकर एबॉर्शन न कराएं।

First published: December 6, 2016
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