ट्रंप के कारण फिर से चर्चा में आए मोतिहारी के ये लेखक

Prem Ranjan | News18Hindi
Updated: April 21, 2017, 7:51 AM IST
ट्रंप के कारण फिर से चर्चा में आए मोतिहारी के ये लेखक
मोतिहारी में जॉर्ज ऑरवेल की मूर्ति (news18)
Prem Ranjan | News18Hindi
Updated: April 21, 2017, 7:51 AM IST
बिहार के मोतिहारी का रिश्ता सिर्फ महात्‍मा गांधी से ही नहीं रहा है. यह  प्रख्यात अंग्रेजी साहित्यकार जॉर्ज ऑरवेल की जन्मस्थली भी है. इस बात का लोगों को तब पता चला जब 1983 में अंग्रेज पत्रकार इयान जैक उनकी जन्मस्थली की खोज में मोतिहारी पहुंचे.

एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक अमेे‍रिका में पिछले वर्ष डोनाल्ड ट्रंप की सरकार बनने के बाद ट्रंप की रीति नीति के कारण जॉर्ज के उपन्‍यास बेस्ट सेलर की श्रेणी में आ गए. ऑरवेल के वर्ष 1948 में लिखे  उपन्यास '1984' और 'एनिमल फॉर्म' वैसे पहले से भी पाठकों के बीच बेहद लोकप्रिय थे.

ऑरवेल के उपन्यास '1984' पर फिल्म भी बन चुकी हैं. इसी कारण उनके पाठकों की रुचि उनके जन्म स्थान को लेकर बढ़ी.

जॉर्ज ऑरवेल मां के साथ (Courtesy- Vishwash mukherjee)



जॉर्ज ऑरवेल का जन्म 25 जून 1903 में हुआ. ऑरवेल की मृत्‍यु 21 जनवरी 1950 में लंदन में हुई थी. उनके पिता रिचर्ड डब्ल्यू ब्लेयर बतौर अधिकारी यहां तैनात थे. जानकारी के मुताबिक जॉर्ज ऑरवेल करीब एक साल के थे उनकी मां उन्हें लेकर इंग्लैंड चली गई थीं.

ऑरवेल हाउस के नाम से मशहूर है जन्‍म स्‍थल
मोतिहारी रोटरी क्लब लेक टाउन के सदस्य देवप्रिय मुखर्जी ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि, वर्ष 2000 में जब जॉर्ज ऑरवेल को मिलेनियम साहित्यकार घोषित किया गया तो कई साहित्यकार और बुद्धिजीवी उनकी जन्मस्थली को देखने मोतिहारी पहुंचे. उनकी जन्मस्थली को पहचान दिलाने के लिए हमलोगों ने बीड़ा उठाया और इस प्रयास में कुछ सफल भी हुए हैं. आज मोतिहारी में लगभग ढा़ई एकड़ में फैली जॉर्ज ऑरवेल की जन्मस्थली को अब ऑरवेल हाउस के नाम से जाना जाता है. '

जार्ज ऑरवेल का इसी घर में जन्म हुआ था (news18)
जार्ज ऑरवेल का इसी घर में जन्म हुआ था (news18)


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब वर्ष 2012 में मोतिहारी पहुंचे तो जन्मस्थली के जीर्णद्धार के साथ इसे पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने का आश्वासन भी दिया. यह काम अभी भी अधूरा है.

अफीम की वेयरहाउस जहां ऑरवेल के पिता तैनात थे ( News18)
अफीम का वेयरहाउस जहां ऑरवेल के पिता तैनात थे ( News18)


मुखर्जी ने बताया कि,'हमलोग लगातार कोशिश कर रहे हैं और फंड मिलते ही इस काम को आगे बढ़ाया जाएगा ताकि देश विदेश के साहित्यकार बिहार आये तो जन्मस्थली को देखने मोतिहारी जरूर पहुंचे.'

जॉर्ज ऑरवेल की फेमस किताबें (news18)
जॉर्ज ऑरवेल की फेमस किताबें (news18)


ऑरवेल पर डाक्यूमेंट्री बनाने वाले विश्वजीत मुखर्जी ने न्यूज 18 हिंदी को बताया कि उनकी जन्मस्थली के साथ चंपारण मिलेनियम पार्क बनाया गया था जिसमें सारी सुविधाएं दी गई है लेकिन इस बिल्डिंग की ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है. जन्मस्थली की सुरक्षा के लिए गार्ड की तैनाती की गई थी लेकिन पिछले एक वर्ष से इन सुरक्षाकर्मियों को वेतन तक नहीं मिला हैं.

विश्वजीत ने बताया कि,'यू ट्यूब पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म देखने के बाद जॉर्ज के बेटे रिचर्ड ब्लेयर ने मेल कर इस बात पर खुशी जाहिर की थी कि ऑरवेल की जन्मस्थली को विकसित किया जा रहा हैं.'

उपन्यास में क्या है खास

ऑरवेल पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने वाले विश्वजी के अनुसार '1984' में वन मैन रूल के बारे में बताया गया है कि विश्व में लोकतांत्रिक सरकार होने के बावजूद किसी न किसी रुप में लोगों के निजी जीवन में सरकार का हस्‍तक्षेप जारी हैं.
First published: April 21, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर