'मोदी फर्जी आंदोलनकारी हो सकते हैं, जेपी पेंशन देने से पहले सरकार जांच कराये'

Sashi Bhushan | ETV Bihar/Jharkhand

First published: January 13, 2017, 2:24 PM IST | Updated: January 13, 2017, 2:47 PM IST
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'मोदी फर्जी आंदोलनकारी हो सकते हैं, जेपी पेंशन देने से पहले सरकार जांच कराये'
जेपी पेंशन को लेकर बिहार में सियासत जारी है. जेपी आंदोलन पेंशन के मुद्दे पर जदयू ने सुशील मोदी को घेरा है. जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि सुशील मोदी को पेंशन देने से पहले सरकार जांच कराये. सुशील मोदी फर्जी आंदोलनकारी हो सकते हैं.

जेपी पेंशन को लेकर बिहार में सियासत जारी है. जेपी आंदोलन पेंशन के मुद्दे पर जदयू ने सुशील मोदी को घेरा है. जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि सुशील मोदी को पेंशन देने से पहले सरकार जांच कराये. सुशील मोदी फर्जी आंदोलनकारी हो सकते हैं.

उधर, जदयू नेता श्याम रजक ने कहा कि सत्ता नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए जेपी आंदोलन था. सरकार ने जरूरतमंदों को पेंशन की सुविधा दी है. जो पेंशन का दावा कर रहे हैं उन्हें मुबारकबाद है.

आपको बता दें कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कुछ दिन पहले ही इस पेंशन स्कीम के लिए आवेदन किया था. जेपी पेंशन उन लोगों को दी जाती है जो 1974 में जेपी आंदोलन के दौरान जेल में रहे थे. अब उन्हें 10 हजार रुपए महीना जेपी सेनानी सम्मान पेंशन मिलेगा. इसकी प्रक्रिया पूरी हो गयी है और पेंशन देने का प्रस्ताव बिहार के गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पेंशन लेने के हकदार हैं, लेकिन वो इसे लेने से पहले ही इनकार कर चुके हैं.

बिहार सरकार ने जेपी पेंशन स्कीम को दो कैटेगरी में बांटा है. एक से छह महीने जेल में रहने वालों के लिये जिन्हें सरकार पांच हजार रुपए महीना पेंशन देती है जबकि छह महीने से ज्यादा वक्त जेल में रहने वालों को सरकार की तरफ से 10 हजार रुपए महीना पेंशन दिया जाता है. स्कीम के तहत लालू को हर महीने 10 हजार रुपए मिलेंगे, क्योंकि उन्होंने छह महीने से ज्यादा जेल में गुजारे थे.

जानकारी के मुताबिक लालू को भी पेंशन जून 2009 के हिसाब से मिलेगा. यानि उन्हें 2009 के बाद से अब तक का पैसा मिलेगा. सरकार की इस पेंशन स्कीम का लाभ फिलहाल 3100 लोगों को मिल रहा है.

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