सुशील मोदी का दावा, केंद्र ने तेजस्‍वी यादव के मॉल का निर्माण रोकने को कहा

भाषा
Updated: May 20, 2017, 12:02 AM IST
सुशील मोदी का दावा, केंद्र ने तेजस्‍वी यादव के मॉल का निर्माण रोकने को कहा
Photo: PTI
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Updated: May 20, 2017, 12:02 AM IST
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आज दावा किया कि केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने तेजस्‍वी यादव के एक मॉल के निर्माण कार्य को रोकने का आदेश दिया है. मोदी ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सगुना मोड़ पर बन रहे मॉल का निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया है. आदेश में बताया गया है कि मॉल ‘पर्यावरण मंजूरी के बगैर बनाया जा रहा है. जिस कंपनी का ये मॉल है उसके निदेशक बिहार के उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव हैं.

भाजपा नेता ने दावा किया कि 15 मई की तारीख वाले एक आदेश में मंत्रालय ने कहा है, ‘इस परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी लेने की जरूरत थी और अब ये पर्यावरण प्रभाव आंकलन अधिसूचना, 2006 के उल्लंघन का मामला है. निर्माण स्थल पर ये कार्य पर्यावरण मंत्रालय की इजाजत लिए बगैर किया जा रहा है.’

उन्होंने मंत्रालय के आदेश की प्रति को पढ़ते हुए कहा - इन बातों के मद्देनजर आपको निर्माण स्थल पर तत्काल प्रभाव से काम रोकने और इस विषय में एक रिपोर्ट मंत्रालय को तीन हफ्ते में सौंपने का निर्देश दिया जाता है. उन्होंने कहा कि आदेश जारी होने के बाद चार दिन बीत गए हैं लेकिन राज्य सरकार ने निर्माण कार्य रोकने का अब तक कोई फैसला नहीं किया है. उन्होंने कहा कि ये इस बात को जाहिर करता है कि राज्य में किस तरह का सुशासन है.

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मॉल के अवैध निर्माण में हस्तक्षेप करने और निर्माण कार्य रोकने, परियोजना को सील करने और बेनामी संपत्ति जब्त करने की चुनौती दी. भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि 7.66 लाख वर्ग फुट जमीन पर इस मॉल का निर्माण कार्य शुरू करना वन संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों का उल्लंघन है.

उन्होंने दावा किया कि अधिनियम के मुताबिक दो लाख वर्गफुट से अधिक आकार की जमीन पर किसी निर्माण कार्य के लिए राज्य पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण (एसईआईएए) की पूर्व मंजूरी अवश्य लेनी होती है.

निर्माण कंपनी मेरेडियन कंस्ट्रक्शन इंडिया लिमिटेड ने स्वीकार किया है कि मॉल का बुनियादी काम पूरा हो गया है और ये एसईआईएए को इस परियोजना की पर्यावरण मंजूरी हासिल करने के लिए एक अर्जी देगा. वहीं, सुशील ने दावा किया कि निर्माण कार्य साल भर पहले शुरू हुआ था.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि न तो निर्माण कार्य रूका, ना प्राथमिकी दर्ज हुई और ना ही केंद्र सरकार को वन अधिनियम के उल्लंघन के बारे में सूचना दी गई.

गौरतलब है कि सुशील मोदी ने सात अप्रैल को आरोप लगाया था कि लालू प्रसाद के परिवार को डिलाईट मार्केटिंग कंपनी प्रा. लि. के नाम से एक फर्जी कंपनी के जरिए सगुना मोड़ दो एकड़ बेनामी संपत्ति मिली है. बाद में इस कंपनी का नया नामकरण लारा (LARA) प्रोजेक्ट प्रा. लि. कर दिया गया, जिसमें लालू की पत्नी राबड़ी देवी और तेजस्वी निदेशक हैं.

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First published: May 20, 2017
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