मुफ्त नहीं मिलेगी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा


Updated: June 29, 2012, 6:23 AM IST
मुफ्त नहीं मिलेगी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा
इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर मुफ्त नहीं होगा। आरबीआई ने वित्त मंत्री के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। बैंक भी फंड ट्रांसफर की फीस खत्म करने के पक्ष में नही हैं।

Updated: June 29, 2012, 6:23 AM IST
नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर मुफ्त नहीं होगा। आरबीआई ने वित्त मंत्री के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। बैंक भी फंड ट्रांसफर की फीस खत्म करने के पक्ष में नही हैं।

बैंक ग्राहकों को राहत देने और इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन को बढावा देने की कोशिशों को धक्का लगा है। पूर्व वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने आरबीआई से ऐसे ट्रांजैक्शन मुफ्त करने की गाइडलाइंस बनाने के लिए कहा था, जिसे आरबीआई ने नकार दिया है।

सरकार इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन के जरिए काले धन पर भी लगाम लगाना चाहती है। पर रिजर्व बैंक के मुताबिक बैंकों के कारोबार के लिहाज से ये कदम फायदेमंद नहीं है।

फिलहाल ऐसे ट्रांजैक्शन नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर सिस्टम (एनईएफटी) और रियल टाइल ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम (आरटीजीएस) के जरिए होते हैं और बैंक इसके लिए ग्राहकों से 5-55 रुपये तक चार्ज लेते हैं। बैंकों के मुताबिक फंड ट्रांसफर के दूसरे तरीकों से बैंक के चार्ज कम हैं।

वित्त मंत्रालय ने हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन बढ़ाने के लिए सरकारी बैंकों को 1 जुलाई से चेक के बदले इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट करने की सलाह दी है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन के लिए इंसेटिव देने की भी बात कही है। जानकारों के मुताबिक इससे संकेत मिलते हैं कि भले ही ट्रांजैक्शन चार्ज खत्म न हो पर आगे जाकर बैंक इनमें कटौती कर सकते हैं।
First published: June 29, 2012
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