5 साल वाली मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी की योजना


Updated: December 27, 2012, 6:29 AM IST
5 साल वाली मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी की योजना
अगर आप हर साल अपनी कार और बाइक के इंश्योरेंस को रिन्यू कराने के झंझट से बचना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की है।

Updated: December 27, 2012, 6:29 AM IST
नई दिल्ली। अगर आप हर साल अपनी कार और बाइक के इंश्योरेंस को रिन्यू कराने के झंझट से बचना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की है। इंश्योरेंस कंपनियां अब 1 साल की मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी के बदले 2,3 और 5 साल की पॉलिसी लाने की योजना बना रही हैं।

मोटर इंश्योरेंस सभी वाहन मालिकों के लिए जरूरी होता है। एक्सिडेंट होने की सूरत में इससे न सिर्फ थर्ड पार्टी को होने वाले नुकसान की भरपाई होती है, बल्कि वाहन को हुए नुकसान का क्लेम भी मिलता है। अभी कार, बाइक या दूसरे वाहनों के लिए सिर्फ 1 साल की पॉलिसी होती है, जिसे हर साल रिन्यू कराना होता है।

लेकिन अब इंश्योरेंस कंपनियां चाहती हैं कि मोटर इंश्योरेंस की अवधि 1 साल से ज्यादा की रखी जाए। इस पर इंश्योरेंस रेगुलेटर आईआरडीए और सरकार से उनकी बातचीत हो। क्लेम ज्यादा होने के चलते मोटर इंश्योरेंस कंपनियों के लिए घाटे का सौदा है। ज्यादा समय की पॉलिसी होने से इंश्योरेंस के प्रीमियम में बढ़ोतरी होगी और कंपनियों की लायबिलिटी घटेगी।

जानकारों के मुताबिक ज्यादा समय की मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी ग्राहकों के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि गाड़ी गुम होने या दुर्घटना होने पर उनकी फाइनेंशियल रिस्क काफी हद तक कम होगी।

आईआरडीए के मुताबिक अभी ये तय नहीं है कि कंपनियां ऐसी पॉलिसी के लिए प्रीमियम कितना लेंगी, साथ ही इस पर भी सफाई नहीं है कि नो क्लेम बोनस कैसे दिया जाएगा। लेकिन कंपनियों को उम्मीद है कि इन समस्याओं को जल्द सुलझा लिया जाएगा।


First published: December 27, 2012
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