मजबूत अंतरराष्ट्रीय संकेतों से शेयर बाज़ार 206 अंक उछला , रुपया भी 47 पैसे मजबूत

भाषा
Updated: March 16, 2017, 12:20 PM IST
मजबूत अंतरराष्ट्रीय संकेतों से शेयर बाज़ार 206 अंक उछला , रुपया भी 47 पैसे मजबूत
Image Source : PTI
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Updated: March 16, 2017, 12:20 PM IST
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के बाद वैश्विक बाजारों के स्थिर रुख के बीच गुरुवार को शेयर बाजारों में शुरुआत में जबरदस्त उछाल देखा गया. बंबई शेयर बाजार (बीएसई) के सेंसेक्स में जहां 206 अंक की बढ़त देखी गई वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) निफ्टी अपने अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया और 9,100 अंक के आंकड़े को पार कर गया.

तीस कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 206.40 अंक यानी 0.70 फीसदी उछल कर 29,604.51 अंक पर खुला है. पिछले सत्र के कारोबार में इसमें 44.52 अंक की गिरावट आई थी. सेंसेक्स में इस तेजी की वजह धातु, निर्माण और पूंजीगत वस्तुओं के शेयरों में सुधार होना है.

निफ्टी 68.10 अंक यानी 0.74 फीसदी चढ़कर 9,152.90 अंक पर खुला है जो इसका अब तक का सबसे उच्च स्तर है. पिछले सत्र के कारोबार में मंगलवार को यह दिन के समय 9,122.75 अंक पर पहुंच गया था.

रुपया 47 पैसे मजबूत

शुरूआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 47 पैसे मजबूत होकर 65.22 के स्तर पर खुला. यह पिछले 16 महीने का उच्चतम स्तर है. मुद्रा कारोबारियों के अनुसार इसके पीछे अहम कारण विदेशी कोष का सतत प्रवाह और निर्यातकों और बैंकों द्वारा डॉलर की बिकवाली करना है.

इसके अलावा घरेलू शेयर बाजारों के उच्च स्तर पर खुलने, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें बढ़ने के बाद अन्य विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के कमजोर रहने से भी रुपया को समर्थन मिला है.

बुधवार को भी रुपया डॉलर के मुकाबले 16 महीने के उच्च 65.69 स्तर पर बंद हुआ था.

'पहले से थे भारतीय बाजार तैयार'

वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि पिछली रात अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में की गई 0.25 फीसदी की वृद्धि के लिए भारतीय बाजार पहले से ही तैयार हैं.

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने ट्वीट किया है कि अमेरिका में नीतिगत ब्याज दर की 0.25 फीसदी की वृद्धि के परिणामों का सामना करने के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छी तरह तैयार है.



फेडरल रिजर्व का आगे ब्याज दरों में धीरे-धीरे वृद्धि करने का संकेत उभरते बाजारों की दृष्टि से अच्छा है.

 
First published: March 16, 2017
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