नौकरी करने के लिए महिलाओं ने चुना 'फीमेल डिलीवरी राइडर' बनना  

News18Hindi
Updated: July 18, 2017, 7:45 AM IST
नौकरी करने के लिए महिलाओं ने चुना 'फीमेल डिलीवरी राइडर' बनना  
Job महिलाओं ने चुना 'फीमेल डिलीवरी राइडर' बनना.
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Updated: July 18, 2017, 7:45 AM IST
आजकल महिलाएं पुरषों से किसी भी छेत्र में पीछे नहीं है. अभी तक ऐसा माना जाता था कि थकाऊ और मेहनत का काम सिर्फ पुरषों का होता है. लेकिन आज महिलाएं पुरषों से ज्यादा मेहनत कर रही हैं. अभी तक आप लोगों ने सिर्फ पुरषों को कूरियर या खाने की डिलीवरी करते देखा होगा, लेकिन अब महिलाएं भी होम डिलीवरी के काम को करने लगी हैं.

कई ई-कॉमर्स कंपनियां फीमेल डिलीवरी राइडर्स को नौकरी दे रही हैं

ई-कॉमर्स बिज़नेस इस समय अपने सबसे अच्छे पड़ाव पर है क्योंकि आज लोगो को ऑनलाइन शोपिंग करना बेहद पसंद है. ऑनलाइन शोपिंग के बढ़ने से डिलीवरी करने वाले लोगों की जरुरत बढ़ गई है. केएफसी, क्लोविया, डोमिनोज़, पिज़्ज़ा हट, सबवे जैसी ऐसी कंपनियां हैं जो महिलाओं को डिलीवरी करने की नौकरी दे रहे हैं, और महिलाओं को फीमेल डिलीवरी राइडर बनने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं.

कंपनियों का मानना है महिलाएं पुरषों से अच्छी डिलीवरी राइडर हैं

एक फूड कंपनी के संस्थापक का कहना है कि फीमेल डिलीवरी राइडर्स का ग्राहकों से अच्छा फीडबैक मिल रहा है. क्योंकि जो महिलाएं हमारे साथ जुड़ी वह बहुत ही ईमानदार, मेहनती और अपने काम के लिए बेहद फोकस्ड हैं. वह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे काम करने के बाद भी खुश रहती हैं और अधिकतर भी उनकी सेवा से खुश हैं.

डिलीवरी स्टेशनों पर बढ़ रही हैं महिलाओं की संख्य 

पिछले साल अमेज़ॅन ने तिरुवनंतपुरम और चेन्नई में महिलाओं के लिए केवल 2 डिलीवरी स्टेशन शुरू किए थे, जिनको सिर्फ महिलाएं चलाती हैं. दोनों सेंटर्स पर पिछले साल तक सिर्फ 3 महिलाएं दोपहिया वाहनों का यूज कर डिलीवरी करती थी, जिनकी चेन्नई में संख्य बढ़ कर 10 हो गई है और तिरुवनंतपुरम 15. उम्मीद है की आगे भी इस संख्य में इजाफा होगा.

कम पढ़ी-लिखी लड़कियां या महिला भी कर सकती हैं यह जॉब 

डिलीवरी राइडर बनने के लिए किसी डिग्री या पढाई की जरुरत नहीं है. जिसकी वजह से कम पढ़ी-लिखी लड़कियां इस काम को करने में सक्षम हैं. इस जॉब को करने के लिए सबसे अहम ये है की उनको टू-व्हीलर चलाना आता हो.

कंपनियां दे रही हैं ये फैसिलिटीज

महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए कंपनियां उन्हें सेल्फ डिफेन्स क्लासेज दे रही हैं. कंपनियों ने उनको लिए एक डेडिकेटेड फीमेल डिलीवरी हेल्पलाइन दी हुई है जिस पर कॉल कर के वह किसी भी समय हेल्प की मांग कर सकती हैं.

इतनी बाधाओं के बावजूद, फीमेल डिलीवरी राइडर्स की संख्याएं बढ़ रही हैं, जो सरहनीय है.
First published: July 18, 2017
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