आईसीआरए का दावा, 50 फीसदी बढ़ जाएगा चालू खाते का घाटा

आईएएनएस

Updated: March 9, 2017, 8:53 PM IST
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घरेलू रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ने गुरुवार को अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि आने वाले वित्त वर्ष में चालू खाते का घाटा 50 फीसदी तक बढ़ जाएगा. इस रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 में चालू खाते का घाटा बढ़कर 20 अरब डॉलर हो जाएगा.

क्यों बढ़ रहा है चालू खाते का घाटा

आईसीआरए का दावा, 50 फीसदी बढ़ जाएगा चालू खाते का घाटा
Image Source: PTI

आईसीआरए ने एक बयान जारी कर कहा है कि तेल और सोने के आयात में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है जिससे वित्त वर्ष 2017-18 में ये घाटा बढ़कर 30 अरब डॉलर यानी देश की जीडीपी का 1.2 फीसदी हो जाएगा. वित्त वर्ष 2016-17 में ये घाटा जीडीपी का 0.9 फीसदी हो सकता है. हालांकि एजेंसी ने ये भी कहा है कि सरकार की कई योजनाओं के तहत अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) काफी पैसा भारत में इवेस्ट कर रहे हैं इससे चालू खाते पर दबाव कम हो सकता है.

क्या कहते हैं अर्थशास्त्री

आईसीआरए के प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नायर के मुताबिक फिलहाल उम्मीद की जा सकती है कि कीमतों में बढ़ोत्तरी, कच्चे तेल और सोने का आयात बढ़ने के चलते देश के चालू खाते का घाटा बढ़ना तय है. वित्त वर्ष 2017-18 में देश से माल के निर्यात में 5 से 6 फीसदी की बढ़ोत्तरी होगी जिससे स्थिति कुछ संभल सकती है. अनुमान के मुताबिक निर्यात में कमोडिटी का योगदान सबसे अधिक होगा।

गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2013-14 के बाद से कच्चे तेल और सोने के आयात में कमी से भारत के चालू खाता घाटे को कम करने में मदद मिली है. साथ ही व्यापारिक निर्यात में कमी, सेवा व्यापार अधिशेष या बाहर से देश में आने वाले धन में हुई कमी से निपटने में मदद मिली है.

First published: March 9, 2017
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