माता-पिता की मौत के बाद इन 5 फाइनेंशियल कार्यों को करना ना भूलें

News18Hindi
Updated: July 15, 2017, 7:39 PM IST
माता-पिता की मौत के बाद इन 5 फाइनेंशियल कार्यों को करना ना भूलें
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Updated: July 15, 2017, 7:39 PM IST
जिंदगी का सबसे मुश्किल समय माता-पिता की मृत्यु होना होता है. यूं सभी लोगों को अपने माता-पिता की धरोहर से भी बहुत प्यार होता है. क्योंकि उनके जाने के बाद उसका ध्यान रखना भी हमारी ही जिम्‍मेदारी होती है. आज हम आपको बता रहे हैं उन फाइनेंशियल कार्यों के बारे में जो आपके माता-पिता की मृत्यु के बाद आपको करने बहुत ही जरुरी हैं.

Step 1: मृत्यु प्रमाण पत्र जरुर बनवा लें

यह पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है. यह प्रमाण पत्र सभी सरकारी कार्य के जरूरी है. मृतक खाता बंद करने के लिए, एसेट्स को ट्रांसफर करने के लिए, मृतक की संपत्ति को बेचने के लिए मृत्‍यु प्रमाण पत्र की जरूरत होती है. मौत की रिपोर्ट को 21 दिनों के भीतर दर्ज कराना बहुत जरूरी है.

अगर आपके माता-पिता की अस्पताल में मौत हो जाती है तो आपको मृतक का नाम, उम्र, पिता या मां का नाम, पता आदि जैसे विवरण के साथ एक फार्म भरना होगा. यह फॉर्म स्थानीय नगरपालिका निकाय के पंजीकरण केंद्र/क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा जाता है, जहां से निर्दिष्ट समय में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाता है. इसे नगरपालिका वेबसाइट से डाउनलोड कर लें.

Step 2: अगर कोई विल या उत्तराधिकार नहीं है तो सक्सेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करें

विल और नॉमिनी का होना यूं तो बहुत जरुरी है, क्योंकि उनके होने से फाइनेंशियल विवादों को सुलझाने में काफी आसानी होती है. क्योंकि उस विल में मृतक का कौनसा एसेट उसके परिवार के किस सदस्य को दिया जाए इसकी पूरी जानकारी होती है. नॉमिनी के होने से बैंक डिपाजिट और इन्वेस्टमेंट्स को ट्रांसफर कराने में भी मदद मिलती है. तो अगर कोई विल या उत्तराधिकार नहीं है तो आपको सक्सेशन सर्टिफिकेट लेना होगा जो सिर्फ मूवेबल अस्सेस्ट्स के लिए मान्‍य होगा, यह सर्टिफिकेट डिस्ट्रिक्ट कोर्ट देगा.

Step 3: सभी वित्तीय दस्तावेजों का पता लगाएँ

अगला महत्वपूर्ण और मुश्किल, काम अपने माता-पिता के सभी वित्तीय दस्तावेजों का पता लगाने का है. इनके बारे में पता नहीं चलने पर आपको एक लम्बी और थकाऊ प्रक्रिया का सामना करना होगा.

Step 4: बकाया और देनदारियों की एक सूची बनाएं

वित्तीय दस्तावेजों को इकट्ठा करने के बाद सभी देनदारियों की सूची तैयार कर लें. हालांकि कुछ पेमेंट्स ईसीएस से हो जाती हैं. देनदारी जानने के लिए सामान्य खर्चों की सूची बना लें जिसमें (बिजली, पानी, गैस, फोन, इंटरनेट बिल आता है), अगर क्रेडिट कार्ड का बिल बकाया है तो उसे पे कर दें, बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड एसआईपी जैसी कोई सर्विस अगर चल रही हो तो आप उसे बंद करा दें. वरना ये देनदरियां आपको बाद में परेशान में डाल सकती हैं.

Step 5: अपने माता-पिता की पहचान को सुरक्षित रखें

अंतिम स्टेप, अपने माता-पिता के महत्वपूर्ण दस्तावेजों की ऑनलाइन मौजूदगी को हटाना ना भूलें. व्यक्तिगत विवरण के साथ-साथ एटीएम और क्रेडिट कार्ड जैसे अन्य कार्ड्स को भी तोड़ के फेंक दे, जिससे उनका गलत इस्तेमाल ना हो पाए. उनके सोशल एकाउंट्स और ईमेल को भी बंद कर दें. जिससे कोई क्रिमिनल आपकी किसी इनफॉर्मेशन का गलत इस्तेमाल ना कर सके.
First published: July 15, 2017
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