Exclusive: रॉयल्‍टी पर सख्‍त सरकार, कंपनियों पर कसेगी शिकंजा

News18Hindi
Updated: April 17, 2017, 3:47 PM IST
Exclusive: रॉयल्‍टी पर सख्‍त सरकार, कंपनियों पर कसेगी शिकंजा
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Updated: April 17, 2017, 3:47 PM IST
सरकार विदेशों में रॉयल्‍टी भेजने वाली कंपनियों पर शिकंजा कसने जा रही है. सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक सरकार ने एक इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है, जो रॉयल्टी पर टैक्स लगाने और मौजूदा कानून को सख्त बनाने पर अपनी सिफारिशें देगा.

मौजूदा कानून की होगी समीक्षा
सरकार रॉयल्टी पर मौजूदा कानून की समीक्षा करने की प्‍लानिंग कर रही है, और इसके साथ ही टेक्नॉलॉजी ट्रांसफर फीस भी समीक्षा के दायरे में होगी. माना जा रहा है कि सरकार की ट्रेडमार्क या ब्रांड इस्तेमाल की रकम पर भी नजर है. सूत्रों का कहना है कि सरकार मौजूदा टैक्स ढांचे में बदलाव पर विचार कर रही है और फेमा से संबंधित कानूनों की समीक्षा होगी. इन सभी मसलों पर इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप 30 जून तक अपनी सिफारिशें देगा.

ऐसे विदेश जाती है रॉयल्‍टी की रकम

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए बड़ी रकम विदेश जाती है. कई बार तो एफडीआई का करीब 15 फीसदी तक विदेश चला जाता है. फाइनेंशियल ईयर 2016 में 32 लिस्टेड मल्टी नेशनल कंपनियों ने 7100 करोड़ रुपए विदेश भेजे थे, और इस दौरान फाइनेंशियल ईयर 2015 के मुकाबले विदेश जाने वाली रकम 13 बढ़ी थी. एक रिपोर्ट के मुताबिक मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एबीबी, नेस्ले इंडिया और एबीबी इंडिया ने कुल 5540 करोड़ रुपये की रॉयल्टी चुकाई है. यही नहीं कई कंपनियां मुनाफे में नहीं हैं या फिर मुनाफा दिखाती हैं फिर भी मोटी रकम रॉयल्टी में देती हैं.

hindi.moneycontrol.com से साभार
First published: April 17, 2017
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