अगर कर चुके हैं डिफॉल्ट तो ऐसे सुधारें अपना सिबिल स्कोर

News18India
Updated: June 20, 2017, 3:43 PM IST
अगर कर चुके हैं डिफॉल्ट तो ऐसे सुधारें अपना सिबिल स्कोर
how to improve cibil score
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Updated: June 20, 2017, 3:43 PM IST
आपका CIBIL स्कोर ही तय करता है कि आपको बैंक से लोन या क्रेडिट कार्ड मिलेगा या नहीं. अगर आप लोन लेना चाहते हैं, लेकिन आपका CIBIL स्कोर कम है तो यह आपके लिए चिंता की बात है. आपके लो स्कोर के कारण बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस आपकी लोन एप्लीकेशन को खारिज कर सकते हैं. यह स्थिति आपके लिए परेशानी खड़ी करने वाली जरूर है, लेकिन हम आपको बता रहे हैं ऐसे पांच तरीके जिनकी मदद से आपका अपना क्रेडिट स्कोर बेहतर करने के साथ अपनी ओवरआल क्रेडिट हेल्थ में सुधार ला सकते हैं.

अपने क्रेडिट कार्ड के बकाए का भुगतान करें-
अगर आपके क्रेडिट कार्ड पर आउटस्टैंडिंग बैलेंस (चुकाई जाने वाली रकम) ज्यादा है तो यह आपके लो क्रेडिट स्कोर की मुख्य वजह हो सकती है. अपना क्रेडिट स्कोर सुधारने की दिशा में सबसे पहले आपको इस पर ध्यान देना होगा. आप सबसे पहले फंड का इंतजाम करके क्रेडिट कार्ड पर बकाया रकम का भुगतान करें. जैसे ही आप अपने क्रेडिट कार्ड बैलेंस को क्लीयर करते हैं. क्रेडिट कार्ड जारी करने वाला बैंक इसकी सूचना CIBIL को देगा, जिससे आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार आएगा.

30%  क्रेडिट यूटिलाइजेशन को मेंटेन करें-

यह एक अहम पक्ष है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज करते हैं. अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है तो यह पता लगाएं कि कहीं आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन (अपनी योग्यता के मुताबिक टोटल क्रेडिट के मुकाबले आपने कितना कर्ज ले रखा है) ज्यादा तो नहीं है. आप अपने टोटल क्रेडिट यूटिलाइजेशन को 30% के लेवल से नीचे रखते हैं तो यह क्रेडिट स्कोर के लिहाज से बहुत अच्छा है. आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन 50% या इससे ऊपर है तो यह आपके सिबिल स्कोर को बिगाड़ने का काम करेगा. ऐसे में आप अपने क्रेडिट कार्ड या लोन के बैलेंस को चुकाएं और अपने क्रेडिट यूटिलाइजेशन को 30% के लेवल से नीचे रखें.

अपनी टोटल क्रेडिट लिमिट को बढ़ाएं-
अगर आप अपने क्रेडिट यूटिलाइजेशन को घटाना चाहते हैं तो आपको अपने क्रेडिट के टोटल अमाउंट में बढ़ोतरी करनी होगी. कमजोर सिबिल स्कोर के साथ नया क्रेडिट कार्ड हासिल करना संभव नहीं है, ऐसे में आप यह पता कर सकते हैं कि क्या क्रेडिट कार्ड जारी करने वाला आपका मौजूदा बैंक आपकी क्रेडिट लिमिट बढ़ा सकता है. अगर बैंक आपकी क्रेडिट लिमिट बढ़ा देता है तो इसे ज्यादा खर्च करने के लिए ग्रीन सिग्नल के रूप में न लें. बल्कि क्रेडिट यूटिलाइजेशन घटाने पर फोकस करें.

टाइम पर करें रिपेमेंट-
यह अपने सिबिल स्कोर को बेहतर रखने का नायाब नियम है. आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप क्रेडिट कार्ड और लोन के रिपेमेंट को सही वक्त पर करें. अगर आप एक बार भी समय पर पेमेंट करने से चूकते हैं तो यह आपके क्रेडिट स्कोर को बिगाड़ सकता है.

अपनी CIBIL रिपोर्ट की खामियों को दूर कराएं-
कई बार ऐसा होता है कि सभी लोन और क्रेडिट कार्ड के बकाए का समय पर भुगतान करने के बावजूद आपका क्रेडिट स्कोर लो रहता है. ऐसी स्थिति में आप ध्यान से अपनी CIBIL रिपोर्ट को देखें और गलत एंट्री की जांच करें. कई बार ऐसा होता है कि छपाई संबंधी गलतियों के कारण आपके नाम पर गलत एंट्री दिखाता है. आपको ऐसा देखने में भी मिल सकता है कि जिस लोन का भुगतान आपने छह महीने पहले ही कर दिया है वह अब भी आपके अकाउंट में दिखा रहा है. आपको ऐसे मामलों की पहचान कर इन्हें CIBIL के सामने उठाना होगा. इसके बाद CIBIL आपके मामले को अपने रिड्रेसेल डिपार्टमेंट के पास भेजेगा, जो कि संबंधित लेंडर से संपर्क करके इस खामी को दूर करेगा. हालांकि, इस प्रक्रिया में कम से कम 30 दिन का वक्त लग सकता है.

CIBIL स्कोर का फंडा-
आपने बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूंशस से जो लोन और क्रेडिट कार्ड ले रखा है, उसकी पेमेंट हिस्ट्री के आधार पर क्रेडिट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (CIR) तैयार की जाती है. इस क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर क्रेडिट स्कोर जेनरेट किया जाता है. CIBIL स्कोर 300-900 के बीच तीन अंकों वाला नंबर होता है. आपका CIBIL स्कोर 900 के जितने करीब होगा, आपका क्रेडिट प्रोफाइल उतना ही मजबूत होगा.
First published: June 20, 2017
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